फ्लाइट से करते हैं यात्रा, तो चेक करें यह लिस्ट; 377 विमानों में बार-बार खराबी की शिकायतें, इस कंपनी के सबसे ज्यादा
सरकार ने संसद में बताया कि हाल के महीनों में किए गए सेफ्टी ऑडिट के दौरान सैकड़ों विमानों में बार-बार आने वाली खराबियां सामने आईं. हालांकि मंत्रालय का कहना है कि पिछले कुछ सालों में तकनीकी दिक्कतों की संख्या घटी है, लेकिन लगातार जांच और निगरानी की जरूरत बनी हुई है.
Aircraft Flagged in Safety Audits: भारत के एविएशन सेक्टर में सेफ्टी और तकनीकी खामियों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. सरकार ने संसद में बताया कि हाल के महीनों में किए गए सेफ्टी ऑडिट के दौरान सैकड़ों विमानों में बार-बार आने वाली खराबियां सामने आईं. हालांकि मंत्रालय का कहना है कि पिछले कुछ सालों में तकनीकी दिक्कतों की संख्या घटी है, लेकिन लगातार जांच और निगरानी की जरूरत बनी हुई है. इस खबर में जानते हैं कि किन एयरलाइनों के विमानों में सबसे ज्यादा बार खामियां मिलीं, सरकार ने क्या कहा और आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
कितने विमानों में मिलीं बार-बार खराबियां
सरकार ने Lok Sabha को बताया कि जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच किए गए ऑडिट में 754 विमानों की जांच हुई. इनमें से 377 विमानों में एक जैसी तकनीकी दिक्कतें बार-बार पाई गईं. यानी करीब आधे विमानों में दोहराए जाने वाले स्नैग सामने आए. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, 2025 में एयरलाइनों ने 353 तकनीकी खामियां दर्ज कराईं. यह संख्या 2023 में 448 थी. मंत्रालय ने कहा कि पिछले तीन सालों में ऐसी शिकायतों में कमी आई है.
हर स्नैग गंभीर नहीं होता
अधिकारियों ने साफ किया कि सभी तकनीकी दिक्कतें उड़ान की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं होतीं. कई बार ये केबिन से जुड़ी होती हैं, जैसे सीट खराब होना या स्क्रीन न चलना. ऐसी चीजें Minimum equipment list यानी MEL में दर्ज होती हैं और तय समय के भीतर उन्हें ठीक करने की अनुमति मिलती है. मंत्रालय ने कहा कि Directorate General of Civil Aviation के पास मजबूत निगरानी व्यवस्था है. इसमें नियमित निरीक्षण, अचानक जांच और Regulatory ऑडिट शामिल हैं. अगर कोई कमी मिलती है तो उसे सुधारने के निर्देश दिए जाते हैं और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी होती है.
साल 2025 में हजारों जांच
सरकार के मुताबिक साल 2025 में 3890 Surveillance inspection किए गए. इसके अलावा 56 Regulatory audit, 492 रैंप चेक और विदेशी विमानों की 84 जांच हुई. साथ ही 874 स्पॉट चेक और 550 नाइट सर्विलांस भी किए गए. एयरलाइन के हिसाब से देखें तो IndiGo के 148 विमानों में बार-बार खराबियां पाई गईं. इसके बाद Air India के 137 विमान रहे. Air India Express के 54, SpiceJet के 16, Akasa Air के 14 और Alliance Air के आठ विमान इस लिस्ट में शामिल थे.
| एयरलाइन का नाम | जांचे गए विमान (repetitive defect के लिए) | बार-बार खराबी वाले विमान |
|---|---|---|
| इंडिगो | 405 | 148 |
| एयर इंडिया | 166 | 137 |
| एयर इंडिया एक्सप्रेस | 101 | 54 |
| स्पाइसजेट | 43 | 16 |
| एलायंस एयर | 7 | 8 |
| अकासा एयर | 32 | 14 |
| सभी एयरलाइंस | 754 | 377 |
उड़ानें रद्द होने का मुद्दा
पिछले तीन महीनों में इंडिगो की 6,936 उड़ानें रद्द हुईं, जिससे करीब दस लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए. सरकार ने इसके पीछे ऑपरेशन की ज्यादा प्लानिंग, सिस्टम सॉफ्टवेयर की कमी, मैनेजमेंट की कमजोरियां और खराब मौसम जैसे कारण बताए. सरकार ने एयरलाइन को संचालन स्थिर करने, यात्रियों को मदद देने और फंसे लोगों की सहायता करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही रिफंड और मुआवजा नियमों के तहत नकद, बैंक ट्रांसफर या यात्रियों की सहमति से वाउचर देने को कहा गया है.




