BPCL को मिला 1817 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड ऑर्डर, CESTAT के सामने चुनौती देगी कंपनी; जानें शेयर का हाल
BPCL इस ऑर्डर के खिलाफ कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT) में अपील फाइल करेगी. पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) ने कहा कि सेंट्रल एक्साइज कानून के तहत ट्रांजेक्शन वैल्यू से जुड़े 19 शो कॉज नोटिस (SCN) सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट के पास एडज्यूडिकेशन के लिए पेंडिंग थे.
भारत की सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को कोच्चि के सेंट्रल टैक्स और सेंट्रल एक्साइज कमिश्नर से 1,816.65 करोड़ रुपये का एक्साइज डिमांड ऑर्डर मिला है. कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी. इसमें 476.94 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी डिमांड के अलावा 1,339.70 करोड़ रुपये का लागू ब्याज और 95,000 रुपये की पेनल्टी शामिल है.
ट्रिब्यूनल अपील फाइल करेगी BPCL
BPCL इस ऑर्डर के खिलाफ कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT) में अपील फाइल करेगी. लिटिगेशन के बारे में डिटेल में बताते हुए, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) ने कहा कि सेंट्रल एक्साइज कानून के तहत ट्रांजेक्शन वैल्यू से जुड़े 19 शो कॉज नोटिस (SCN) सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट के पास एडज्यूडिकेशन के लिए पेंडिंग थे. एडज्यूडिकेटिंग अथॉरिटी (AA) ने अब एडज्यूडिकेटेड कर दिया है. कुल रकम में से BPCL ने 476.94 करोड़ रुपये की मांग की पुष्टि की है.
19 शोकॉज नोटिस
फाइलिंग के अनुसार, यह मामला सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट द्वारा सितंबर 2004 और मई 2010 के बीच के समय के लिए सेंट्रल एक्साइज कानून के तहत ट्रांजेक्शन वैल्यू तय करने के लिए जारी किए गए 19 शोकॉज नोटिस से जुड़ा है. कंपनी ने कहा कि कन्फर्म्ड डिमांड का एक बड़ा हिस्सा कोच्चि रिफाइनरीज लिमिटेड (KRL) के मर्जर से पहले के समय से जुड़ा है, खासकर सितंबर 2004 से अगस्त 2006 तक का, जिस पर फैसला होना बाकी था.
एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने माना कि BPCL और KRL रिलेटेड पार्टी हैं और फैसला सुनाया कि रिफाइनरी गेट प्राइस का इस्तेमाल एक्साइज वैल्यूएशन के लिए नहीं किया जा सकता.
एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी का फैसला
फाइलिंग में कहा गया, ‘AA (एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी) ने फैसला सुनाया कि BPCL और KRL रिलेटेड पार्टी हैं, इसलिए रिफाइनरी गेट प्राइस का इस्तेमाल एक्साइज वैल्यूएशन के लिए नहीं किया जा सकता और सेंट्रल एक्साइज वैल्यूएशन रूल्स, 2000 के रूल 9 के साथ रूल 11 के तहत डिपार्टमेंट का वैल्यूएशन वैलिड है.
मर्जर के बाद BPCL कोच्चि रिफाइनरी ने सेंट्रल एक्साइज वैल्यूएशन रूल्स, 2000 के रूल 7 (सबसे अधिक क्वांटिटी डिपो प्राइस) का इस्तेमाल किया, लेकिन डिपार्टमेंट ने सेंट्रल एक्साइज वैल्यूएशन रूल्स, 2000 के रूल 7 के साथ रूल 11 के तहत सभी क्लीयरेंस के लिए पूरे दो हफ्ते की सबसे ज्यादा वैल्यू लागू की.
तेजी के साथ बंद हुए BPCL के शेयर
BPCL ने कहा कि वह ऑर्डर को एनालाइज करेगी और कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT) के सामने अपील फाइल करेगी. सोमवार को BPCL के शेयर 1.97 फीसदी बढ़कर 372.55 रुपये पर सेटल हुए.
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