Flipkart IPO से पहले कंपनी में बड़ा फेरबदल, ग्रुप CFO ने दिया इस्‍तीफा, जानें अब कौन संभालेगा जिम्‍मेदारी

Flipkart में IPO से पहले बड़ा प्रबंधन बदलाव हुआ है. ग्रुप CFO श्रीराम वेंकटरमण ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि वो कुछ महीने तक कंपनी के साथ बने रहेंगे, जिससे काम में कोई रुकावट ना आए. वैसे कपनी अभी अपने आईपीओ की तैयारियों में जुटी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक लिस्टिंग इस साल के आखिर या 2027 की शुरुआत में हो सकती है.

flipkart group CFO resigns Image Credit: canva/money9 live

Flipkart Group CFO resigns: ई-कॉमर्स दिग्गज Flipkart अपने आईपीओ को लेकर कुछ समय से सुर्खियों में है. कंपनी इसकी तैयारियों में लगी हुई है. मगर मार्केट में इसका पब्लिक इश्‍यू आने से पहले ही कंपनी में बड़ा बदलाव हो गया है. दरअसल कंपनी के ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी ग्रुप CFO, श्रीराम वेंकटरमण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी ने शुक्रवार, 20 मार्च को को इसकी पुष्टि की है.

एनडीटीवी प्रॉफिट के मुताबिक कंपनी ने अपने बयान में कहा कि श्रीराम वेंकटरमण ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है, लेकिन वे अगले कुछ महीनों तक Flipkart के साथ बने रहेंगे ताकि ट्रांजिशन स्मूद रहे और कामकाज में कोई रुकावट न आए. फिलहाल Flipkart के CFO रवि अय्यर पूरे फाइनेंस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसी के साथ कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम में निशांत वर्मन को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर शामिल किया है. वह कॉरपोरेट डेवलपमेंट और पार्टनरशिप्स की कमान संभालेंगे. हालांकि अभी तक श्रीराम वेंकटरमण के उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब Walmart समर्थित Flipkart भारत में अपनी संभावित लिस्टिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

कब आएगा IPO?

ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अगले महीने से बैंकों से औपचारिक बातचीत शुरू कर सकती है ताकि संभावित IPO पर काम आगे बढ़ाया जा सके. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लिस्टिंग इस साल के आखिर या फिर 2027 की शुरुआत में हो सकती है. हालांकि टाइमिंग अभी शुरुआती विचार-विमर्श के फेज में है.

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छंटनी से हड़कंप

हाल ही में Flipkart ने परफॉर्मेंस रिव्यू के आधार पर करीब 400 से 500 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था. जिससे हड़कंप मच गया था. यह संख्या कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 3 से 4 फीसदी बताई गई. जो आमतौर पर हर साल निकाले जाने वाले 1 से 2 फीसदी कर्मचारियों से ज्यादा है. कंपनी ने इसे नियमित परफॉर्मेंस रिव्यू प्रक्रिया का हिस्सा बताया था.

फाइनेंशियल स्थिति

कंपनी के फाइनेंशियल मोर्चे पर तस्वीर मिली-जुली है. Flipkart India का FY25 में कंसॉलिडेटेड लॉस बढ़कर 5,189 करोड़ रुपये हो गया. जो पिछले साल 4,248.3 करोड़ रुपये था. हालांकि इसी दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 17.3 फीसदी बढ़कर 82,787.3 करोड़ रुपये पहुंच गया. लेकिन कुल खर्च भी 17.4 फीसदी बढ़कर 88,121.4 करोड़ रुपये हो गया.