150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है कच्चे तेल की कीमत, LNG के भाव में लगेगी आग; कतर के एनर्जी मिनिस्टर ने दी बड़ी चेतावनी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद अल काबी ने बड़ी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर संघर्ष लंबा चला तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है और खाड़ी क्षेत्र से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो सकती है. ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर के रास लफान LNG प्लांट को भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी उथल-पुथल की आशंका है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है.
Oil Price 150 Dollar: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अगर लंबे समय तक चलता है तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट को बड़ा झटका लग सकता है. कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद अल काबी ने चेतावनी दी है कि हालात और बिगड़े तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. उनका कहना है कि खाड़ी क्षेत्र के कई एनर्जी एक्सपोर्टर देशों को मजबूरन सप्लाई रोकनी पड़ सकती है. अगर ऐसा होता है तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है और इसका असर दुनिया की इकॉनमी पर भी पड़ सकता है.
खाड़ी देशों को रोकनी पड़ सकती है सप्लाई
कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद अल काबी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि अगर मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी रहता है तो खाड़ी क्षेत्र के कई एनर्जी प्रोड्यूसर देशों को फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है. फोर्स मेज्योर का मतलब ऐसी परिस्थिति से है जब किसी अनुबंध को पूरा करना संभव न हो और मजबूरी में सप्लाई रोकनी पड़े. उन्होंने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में खाड़ी के लगभग सभी एनर्जी एक्सपोर्टर्स को ऐसा कदम उठाना पड़ सकता है.
ड्रोन हमले के बाद बंद हुआ LNG प्लांट
हाल ही में ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर के रास लफान LNG प्लांट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है. यह दुनिया के सबसे बड़े LNG प्रोडक्शन सेंटर्स में से एक माना जाता है. सरकार और कतर एनर्जी फिलहाल इस हमले से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक सामान्य प्रोडक्शन बहाल होने में कई सप्ताह या महीने भी लग सकते हैं.
होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई पर खतरा
एनर्जी मार्केट की सबसे बड़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट को लेकर है. यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री ट्रेड रूट्स में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. अगर यहां जहाजों की आवाजाही बाधित रहती है तो ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. अनुमान है कि ऐसे हालात में कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है.
गैस की कीमतों में भी भारी उछाल संभव
कतर के एनर्जी मिनिस्टर का कहना है कि अगर सप्लाई बाधित होती है तो नेचुरल गैस की कीमतें भी तेजी से बढ़ सकती हैं. अनुमान के मुताबिक LNG की कीमत 40 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुंच सकती है, जो युद्ध से पहले के स्तर से कई गुना ज्यादा है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
कतर के एनर्जी मिनिस्टर का कहना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र से एनर्जी सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है तो इसका असर ग्लोबल इकॉनमी पर भी पड़ सकता है. एनर्जी कीमतें बढ़ने से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा पेट्रोकेमिकल और फर्टिलाइजर जैसी कई इंडस्ट्री की सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है, जिससे प्रोडक्शन और ट्रेड दोनों पर असर पड़ सकता है.
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