Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी, कच्चे तेल की तेजी से बढ़ा दबाव, हफ्ते भर में जानें कितना हुआ सस्ता
मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की तेजी के दबाव में सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका-ईरान तनाव, महंगाई की चिंता और ब्याज दर कटौती टलने की आशंका से बुलियन मार्केट पर दबाव बना हुआ है. हालांकि लॉन्ग टर्म में इसमें उछाल आने की उम्मीद है.
Gold-Silver Rate Today: एक वक्त सोने और चांदी की कीमतें आसमान छू रही थीं. लेकिन बीते तीन दिनों से इनकी कीमतों में गिरावट का रुख रहा. मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते महंगाई की आशंकाओं ने गोल्ड पर दबाव बना दिया है. यही वजह है कि हफ्ते भर में ग्लोबल मार्केट और भारतीय बुलियन बाजार में सोने-चांदी की कीमतें लुढ़की हैं.
हफ्ते भर का हाल
बुलियन वेबसाइट के मुताबिक 9 मार्च को 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी, जबकि 13 मार्च को यह 159,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. इस लिहाज से सोना इस हफ्ते ₹1,400 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.

वहीं चांदी की कीमत 9 मार्च को 267,920 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई थी. वहीं 13 मार्च को ये 259,670 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई. इस लिहाज से हफ्ते भर के अंदर चांदी की कीमतें ₹8,250 प्रति किलो सस्ती हो गई है.

डॉलर की मजबूती से दबाव
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में तेज उछाल के कारण सोने पर दबाव बढ़ गया है. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का 29 मई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गया है. बता दें डॉलर मजबूत होने से सोना दूसरे देशों के निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ती है
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध से बढ़ती महंगाई की चिंता और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती टलने की आशंका भी डॉलर को मजबूती दे रही है. इससे सोने की कीमतों की तेजी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है.
लॉन्ग टर्म में मजबूत है गोल्ड
विश्लेषकों के मुताबिक लंबी अवधि में सोने के फंडामेंटल अभी भी मजबूत हैं. दुनिया भर के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को लॉन्ग टर्म में सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.
युद्ध ने बदल दिया माहौल
फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद बाजार का रुख तेजी से बदल गया है. पहले निवेशकों को उम्मीद थी कि जनवरी या मार्च में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, लेकिन अब यह संभावना लगभग खत्म हो गई है. बाजार अब जून में संभावित कटौती की उम्मीद कर रहा था, लेकिन युद्ध के कारण परिस्थितियां बदल गई हैं. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी कीमती धातुओं की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है. पिछले दो हफ्तों में क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है.
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