फ्यूचर्स पर महंगा हुआ सोना-चांदी, MCX और COMEX ने मार्जिन में की बड़ी बढ़ोतरी
सोना और चांदी बाजार में भारी उतार चढाव के बीच निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. एक सप्ताह में चांदी की कीमतों में करीब 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद MCX और COMEX समेत वैश्विक एक्सचेंजों ने मार्जिन नियम सख्त कर दिए हैं. MCX पर सोना और चांदी फ्यूचर में अतिरिक्त मार्जिन लगाया गया है.
MCX margin hike: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कमोडिटी बाजार की बड़ी खबर सामने आई है. बीते कुछ सत्रों में सोना और चांदी की कीमतों में भारी अस्थिरता देखने को मिली है, जिसने निवेशकों और कारोबारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है. खासतौर पर चांदी की कीमतों में तेज गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है. 29 जनवरी के उच्च स्तर से महज एक सप्ताह के भीतर चांदी की कीमतों में करीब 40 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है. इसी बढ़ती अस्थिरता और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों ने मार्जिन में सख्ती की है.
MCX पर सोना और चांदी फ्यूचर में अतिरिक्त मार्जिन
भारत के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज MCX की क्लियरिंग यूनिट एमसीएक्स क्लीयरिंग कॉरपोरेशन ने सोना और चांदी के सभी फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पर अतिरिक्त मार्जिन लगाने का फैसला किया है. सोना फ्यूचर के लिए 5 फरवरी से 1 फीसदी अतिरिक्त मार्जिन लागू किया गया है, जबकि 6 फरवरी से इसमें 2 फीसदी और जोड़ दिया गया है. इस तरह सोने के सभी फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 3 फीसदी हो गया है.
चांदी फ्यूचर के मामले में एक्सचेंज ने ज्यादा सख्त रुख अपनाया है. 5 फरवरी से 4.5 फीसदी अतिरिक्त मार्जिन लगाया गया है और 6 फरवरी से 2.5 फीसदी और बढ़ा दिया गया है. इसके साथ ही चांदी के सभी फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 7 फीसदी तक पहुंच गया है. यह साफ किया गया है कि यह अतिरिक्त मार्जिन पहले से लागू नियमित मार्जिन के ऊपर देना होगा.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मार्जिन सख्ती
केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कमोडिटी बाजारों में यही रुख देखने को मिल रहा है. CME, जो COMEX का संचालन करता है, ने सोना और चांदी समेत कई धातुओं पर मार्जिन में बढ़ोतरी की घोषणा की है. सोने के लिए सामान्य जोखिम कैटेगरी में मार्जिन 8 फीसदी से बढ़ाकर 9 फीसदी कर दिया गया है, जबकि अधिक जोखिम कैटेगरी में इसे 8.8 फीसदी से बढ़ाकर 9.9 फीसदी किया गया है.
चांदी, जो स्वभाव से ज्यादा अस्थिर मानी जाती है, उसके लिए मार्जिन में और तेज बढ़ोतरी की गई है. सामान्य जोखिम कैटेगरी के लिए मार्जिन 15 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया गया है, जबकि अधिक जोखिम कैटेगरी में यह 16.5 फीसदी से बढ़ाकर 19.8 फीसदी कर दिया गया है. ये नए नियम 6 फरवरी 2026 को कारोबार बंद होने के बाद लागू होंगे.
कीमतों में उतार-चढाव के पीछे क्या कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोना और चांदी की कीमतों में आई इस तेज हलचल के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं. अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले चेयर के रूप में केविन वार्श के नामांकन से जुड़ी चर्चाओं ने बाजार की सेंटिमेंट को प्रभावित किया है. इन कारणों से निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों से कुछ हद तक कमजोर पड़ा है.
मार्जिन क्या होता है और इसका निवेशकों पर असर
फ्यूचर कारोबार में मार्जिन वह न्यूनतम पूंजी होती है, जो किसी सौदे की स्थिति को बनाए रखने के लिए जरूरी होती है. जब बाजार में अत्यधिक उतार-चढाव होता है, तब एक्सचेंज अतिरिक्त मार्जिन लगाकर जोखिम को सीमित करने की कोशिश करते हैं. निवेशकों के लिए इसका मतलब यह है कि अब सोना और चांदी के फ्यूचर सौदों के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पूंजी की जरूरत होगी.
छोटे और ज्यादा जोखिम लेने वाले कारोबारियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह कदम बाजार में स्थिरता लाने की दिशा में माना जा रहा है. कुल मिलाकर, बढ़े हुए मार्जिन यह संकेत देते हैं कि फिलहाल कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है और निवेशकों को सतर्क रहकर रणनीति बनानी होगी.
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