Gold Weekly Report: एक हफ्ते में सोने के दाम में 8 हजार की उछाल और फिर गिरावट, जानें क्यों हिल गया बाजार
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार की हलचल के बीच इस हफ्ते सोने के दामों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कभी तेजी तो कभी गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया. आखिर पूरे सप्ताह में सोना कितना महंगा हुआ, कब गिरा और बाजार में ये हलचल क्यों रही, इस रिपोर्ट में जानिए पूरा हिसाब.
अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक बाजार की हलचल का असर इस सप्ताह सोने की कीमतों पर साफ दिखाई दिया. 24 कैरेट गोल्ड के दाम पूरे सप्ताह रोलर-कोस्टर की तरह ऊपर-नीचे होते रहे. सप्ताह की शुरुआत में सोना मजबूत रहा, लेकिन बीच में गिरावट आई और फिर आखिर में हल्की रिकवरी देखने को मिली. निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने को सुरक्षित निवेश माना, जबकि डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली ने कीमतों पर दबाव भी डाला.
सप्ताह की शुरुआत में तेजी
अगर 27 फरवरी से कीमतों का आंकलन करें तो उस दिन गोल्ड का भाव 1,59,097 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इसके बाद 2 मार्च (सोमवार) को कीमत तेज उछाल के साथ 1,67,471 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई. यानी तीन दिन में सोना करीब 8,374 रुपये महंगा हो गया.
इस तेजी की बड़ी वजह वैश्विक तनाव रहा. अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले और उसके बाद बढ़े वेस्ट एशिया संकट से निवेशकों में डर बढ़ गया. ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं और सोने की मांग बढ़ जाती है.
बीच हफ्ते में आई गिरावट
हालांकि तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी. 4 मार्च को सोने का भाव घटकर 1,62,548 रुपये रह गया. इसके बाद 5 मार्च को और गिरावट आई और कीमत 1,60,586 रुपये पर पहुंच गई. 6 मार्च को सोना और फिसलकर 1,58,751 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया.
यानी 2 मार्च के उच्च स्तर से देखें तो सोना करीब 8,700 रुपये तक सस्ता हो गया.
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी रही. जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग कमजोर पड़ जाती है.
भू-राजनीतिक तनाव से बाजार में अस्थिरता
पूरे सप्ताह बाजार पर वेस्ट एशिया की घटनाओं का साया रहा. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा की. इस कारण कई बार निवेशकों ने सोने की खरीद बढ़ाई, जिससे कीमतों में अचानक उछाल भी देखने को मिला. विशेषज्ञ मानते हैं कि जब भी युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है तो सोना सुरक्षित निवेश के तौर पर सबसे पहले खरीदा जाता है.
सिल्वर में भी दिखा बदलाव
इस सप्ताह चांदी की कीमतों में भी हलचल रही. 27 फरवरी को सिल्वर का भाव 2,66,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था. इसके बाद 2 मार्च को यह बढ़कर 2,89,848 रुपये तक पहुंच गया. लेकिन सप्ताह के अंत में कीमत घटकर 2,60,723 रुपये प्रति किलो रह गई.
यानी पहले तेजी और फिर गिरावट के साथ चांदी में भी करीब 29 हजार रुपये तक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला. विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी पर औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर ज्यादा होता है, इसलिए इसमें सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.
