तेल से आगे निकली बात, अब पानी-चिप से लेकर खाने की चीजों पर संकट, नए डेंजर जोन में ईरान-अमेरिका युद्ध
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना दुनिया के लिए केवल तेल आपूर्ति का संकट नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार इससे रसायन, सेमीकंडक्टर, खनन और कृषि जैसे कई अहम उद्योग प्रभावित हो सकते हैं. तेल और गैस से बनने वाले जरूरी औद्योगिक उत्पादों की सप्लाई रुकने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ने की आशंका है.
Hormuz shutdown chok Sulfur, Semiconductor Agri sector: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका असर केवल कच्चे तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे रसायन उद्योग, सेमीकंडक्टर उत्पादन, खनन और वैश्विक खाद्य आपूर्ति जैसी कई महत्वपूर्ण सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती हैं. अमेरिकी केमिकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Solugen के CEO ने चेतावनी दी है कि तेल और गैस से बनने वाले कई जरूरी औद्योगिक उत्पादों की सप्लाई बाधित हो सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है.
सल्फर की कमी से रसायन उद्योग पर खतरा
दुनिया में बनने वाले करीब 92% सल्फर का उत्पादन तेल रिफाइनिंग और नेचुरल गैस प्रोसेसिंग के दौरान होता है. इसी सल्फर से सल्फ्यूरिक एसिड बनाया जाता है, जो दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला औद्योगिक रसायन है. सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग खनन उद्योग में तांबा और कोबाल्ट जैसे धातुओं को निकालने में होता है. अगर तेल रिफाइनिंग प्रभावित होती है तो सल्फर की आपूर्ति कम हो सकती है, जिससे इन धातुओं के उत्पादन में दिक्कत आ सकती है.
पानी तक पहुंचा जंग
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के नौवें दिन इजरायल ने रविवार की सुबह दक्षिणी लेबनान पर अपने हमले तेज कर दिए. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध के अगले चरण में कई चौंकाने वाले कदम उठाए जा सकते हैं. वहीं बहरीन ने बताया कि ईरान के ड्रोन हमले से उसके एक ऐसे संयंत्र को नुकसान पहुंचा है, जो खारे पानी को पीने योग्य बनाता है. इस युद्ध के दौरान पहली बार किसी अरब देश ने कहा है कि ईरान ने ऐसे संयंत्र को निशाना बनाया है. फारस की खाड़ी के किनारे इस तरह के कई संयंत्र बने हुए हैं और इस क्षेत्र के अरब देश पीने के पानी के लिए इन पर काफी निर्भर करते हैं.
सेमीकंडक्टर उद्योग पर भी पड़ सकता है असर
ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से पूर्वी एशिया का सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री भी प्रभावित हो सकता है. ताइवान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है और उसके एलएनजी का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. अगर गैस की सप्लाई रुकती है तो ताइवान में बिजली संकट पैदा हो सकता है, जिससे वहां की चिप निर्माण कंपनियों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है.
खाद और खेती की सप्लाई चेन भी जोखिम में
खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग से दुनिया के लगभग एक-तिहाई नाइट्रोजन उर्वरक के कच्चे माल की आपूर्ति होती है. नाइट्रोजन उर्वरक कृषि की रीढ़ माने जाते हैं और इनकी मदद से फसलों की पैदावार कई गुना बढ़ी है. अगर इस सप्लाई में रुकावट आती है तो खाद की कीमतें बढ़ सकती हैं और इसका असर किसानों के साथ-साथ वैश्विक खाद्य कीमतों पर भी पड़ सकता है.
रणनीतिक रूप से बेहद अहम है यह मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य केवल 21 नॉटिकल मील चौड़ा है, लेकिन यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई और ईरान से निकलने वाले बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से दुनिया भर में जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह मार्ग केवल तेल के लिए ही नहीं बल्कि कई औद्योगिक सप्लाई चेन के लिए भी बेहद अहम है. अगर यहां लंबी अवधि तक बाधा बना रहता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर एक साथ दिखाई दे सकता है.
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