India-US Trade Deal आखिरी दौर में? अमेरिकी सांसदों से मिले विदेश मंत्री, राजदूत Sergio Gor बोले- ‘प्रोडक्टिव मीटिंग’

दिल्ली में हाल के दिनों में हुई कुछ अहम मुलाकात भारत और अमेरिका के रिश्तों को पटरी पर लाने का संकेत दे रहे हैं. व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक हालात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत तेज हुई है. नजरें इसी बात पर हैं कि क्या यह कूटनीतिक हलचल रिश्तों में आई तल्खी को कम करने का रास्ता खोलेगी.

India-US Trade deal Image Credit: @DrSJaishankar

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले कुछ समय से दबाव में दिख रहे हैं, लेकिन जनवरी के तीसरे हफ्ते में नई दिल्ली में हुई लगातार उच्चस्तरीय मुलाकातों ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में रविवार को विदेश मंत्री S Jaishankar की मुलाकात अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से हुई. यह बैठक ऐसे समय पर हुई है, जब व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक राजनीति को लेकर भारत-अमेरिका संबंध कई मोर्चों पर चुनौती झेल रहे हैं.

अमेरिका के तीन सांसद रहे मौजूद

इस बैठक में अमेरिका के तीन सांसद, Mike Rogers, Adam Smith और Jimmy Patronis शामिल थे. उनके साथ भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor भी मौजूद रहे. मुलाकात के बाद दोनों देशों के नेताओं ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा कि चर्चा का दायरा काफी व्यापक रहा, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार संबंध, सुरक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन संघर्ष जैसे मुद्दे शामिल थे.

राजदूत सर्जियो गोर ने बातचीत को “प्रोडक्टिव” बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा, व्यापार बढ़ेगा और अहम तकनीकों पर साथ काम करने के नए रास्ते खुलेंगे.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कहा?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सांसदों और राजदूत के साथ बातचीत दोनों देशों के बीच आपसी समझ को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी कदम है. जयशंकर के पोस्ट पर अमेरिकी राजदूत की प्रतिक्रिया ने भी यह साफ किया कि दोनों पक्ष इस संवाद को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं.

इससे पहले 19 जनवरी को वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने अमेरिकी सीनेटर Steve Daines और राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की थी. दोनों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों पर “सार्थक बातचीत” हुई. एक दिन पहले, 18 जनवरी को जयशंकर और स्टीव डाइन्स के बीच भी व्यापक चर्चा हुई थी, जिसमें रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया गया.

विदेश सचिव स्तर पर भी संपर्क

13 जनवरी को विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी थी कि जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई. इस बातचीत में व्यापार, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, सिविल न्यूक्लियर सहयोग और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम बताया.

ट्रंप टैरिफ से शुरू हुई थी मुश्किलें

भारत-अमेरिका संबंधों में सबसे बड़ा झटका तब लगा था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगा दिया था. इसमें रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था. इसके बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अमेरिका की ओर से भारत के कृषि और डेयरी सेक्टर को खोलने की मांग के चलते व्यापार समझौता अब तक अटका हुआ है.

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हालांकि हालिया मुलाकातें यह दिखाती हैं कि दोनों देश टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहते हैं. अब लोगों कि नजरें इस बात पर हैं कि इन बैठकों से जमी बर्फ पिघलेगी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को नई रफ्तार मिलेगी, या फिर मतभेद एक बार फिर इस साझेदारी पर भारी पड़ेंगे.