दिसंबर में ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 25 अरब डॉलर, एक्सपोर्ट में बढ़त से संभला घाटा, मार्च तक $850 अरब निर्यात की उम्मीद
दिसंबर में भारत के विदेशी व्यापार से जुड़े ताजा आंकड़ों ने कई सवाल खड़े किए हैं. जहां घाटा बना हुआ है, वहीं कुछ संकेत राहत की ओर भी इशारा करते हैं. निर्यात, आयात और सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों ने संतुलित रखा है. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा है कि मार्च में कुल निर्यात 850 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है.
India’s Trade Deficit December: दिसंबर 2025 में भारत के विदेशी व्यापार के आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था को लेकर थोड़ी राहत की तस्वीर पेश की है. जहां एक ओर आयात बढ़ने से व्यापार घाटा (Trade Deficit) ऊंचा बना रहा, वहीं दूसरी ओर निर्यात में सुधार और सेवाओं से होने वाली कमाई ने स्थिति को संतुलित करने में मदद की. खास बात यह रही कि बाजार की उम्मीदों के मुकाबले व्यापार घाटा कम रहा, जिसे सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
दिसंबर में कितना रहा व्यापार घाटा
Reuters की गणना के मुताबिक दिसंबर में भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट 25.04 अरब डॉलर रहा. अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि यह घाटा करीब 27 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. नवंबर में यह आंकड़ा 24.53 अरब डॉलर था, यानी महीने-दर-महीने इसमें हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन उम्मीद से कम रही.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में भारत का माल निर्यात बढ़कर 38.51 अरब डॉलर हो गया, जो नवंबर में 38.13 अरब डॉलर था. वहीं आयात भी बढ़ा और 63.55 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि नवंबर में यह 62.66 अरब डॉलर था. निर्यात और आयात दोनों में बढ़ोतरी से यह साफ है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद व्यापार गतिविधियां बनी हुई हैं.
सेवाओं के निर्यात से मजबूत सहारा
सरकार के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक दिसंबर में सेवाओं का निर्यात 35.50 अरब डॉलर और आयात 17.38 अरब डॉलर रहा. इससे सेवाओं के व्यापार में करीब 18.12 अरब डॉलर का सरप्लस बना. यह सरप्लस भारत के कुल व्यापार संतुलन के लिए बड़ा सहारा साबित हो रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक सेवाओं के व्यापार के विस्तृत आंकड़े आमतौर पर दो हफ्ते बाद जारी करता है.
यह भी पढ़ें: 2026 में थाईलैंड से मलेशिया तक इन 55 देशों में बिना वीजा के घूम सकेंगे भारतीय, देखें पूरी लिस्ट
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने रॉयटर्स के हवाले से कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में अमेरिका को निर्यात में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उनके मुताबिक मार्च में खत्म हो रहे वित्त वर्ष में भारत का कुल निर्यात 850 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है.
अमेरिका में टैरिफ बढ़ने के बाद भारत ने चीन, रूस और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों की ओर निर्यात को विविध बनाने की रणनीति अपनाई है. इसके अलावा, यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ व्यापार समझौतों की योजना भी बनाई जा रही है.
Latest Stories
Gold and Silver Rate Today: रिकॉर्ड हाई पर सोना-चांदी, रॉबर्ट कियोसाकी का सिल्वर पर आया बड़ा अपडेट, क्या जारी रहेगी तेजी
Groww AMC बेच रही 23% हिस्सेदारी, ₹580 करोड़ में डील, जानें खरीदार कौन और क्या है कंपनी का प्लान
चीन के साथ बढ़ा भारत का निर्यात, फिर भी ऑल टाइम हाई पर व्यापार घाटा; ग्लोबल ट्रेड में ड्रैगन का सरप्लस $1200 अरब पहुंचा
