पश्चिम एशिया टेंशन के बीच क्या और ऊपर जाएगी LPG की कीमतें? C-Voter सर्वे से जानें क्या है देश की राय
C-Voter सर्वे में सामने आया है कि ज्यादातर लोगों को LPG कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है. 34 फीसदी लोगों का मानना है कि कीमतें 10 फीसदी से 20 फीसदी तक बढ़ सकती हैं, जबकि एक वर्ग दोगुनी कीमत का डर जता रहा है. जानें क्या है सर्वे में.
LPG Price Hike amid West Asia Tension: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े जियो पॉलिटिकल हालात के बीच भारत में महंगाई को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है. खासतौर पर LPG सिलेंडर की कीमतों को लेकर आम जनता के मन में बड़ा सवाल है कि क्या आने वाले समय में गैस और महंगी होगी? इसी सवाल का जवाब जानने के लिए C-Voter ने एक खास ‘वॉर सर्वे’ किया, जिसमें देशभर के लोगों की राय सामने आई है.
हर राज्य और जिले के लोगों से बातचीत के आधार पर
यह सर्वे मार्च महीने में देश के हर राज्य और जिले में 18 साल से ऊपर के लोगों से बातचीत के आधार पर किया गया. इस व्यापक सर्वे में लोगों से पूछा गया कि मौजूदा हालात को देखते हुए LPG की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है. सामने आए आंकड़े बताते हैं कि आम लोगों को आने वाले समय में कीमतों में बढ़ोतरी की पूरी आशंका है.
सबसे ज्यादा लोग क्या कहते हैं?
सबसे ज्यादा यानी करीब 34 फीसदी लोगों का मानना है कि LPG की कीमतें 10 से 20 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. यह आंकड़ा पिछले हफ्ते के मुकाबले थोड़ा बढ़ा हुआ है, जिससे साफ है कि धीरे-धीरे महंगाई को लेकर चिंता गहराती जा रही है. वहीं, 26 फीसदी लोगों को लगता है कि कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक का उछाल आ सकता है. यह वर्ग उन लोगों का है जो वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए बड़ी बढ़ोतरी की आशंका जता रहे हैं.
कितने फीसदी लोगों ने कहा दोगुनी होगी कीमत?
दिलचस्प बात यह है कि एक छोटा लेकिन अहम वर्ग ऐसा भी है जो बेहद बड़ी बढ़ोतरी की आशंका जता रहा है. करीब 13 फीसदी लोगों का मानना है कि LPG की कीमतें दोगुनी यानी 100 फीसदी से ज्यादा तक बढ़ सकती हैं. यह डर बताता है कि युद्ध और सप्लाई चेन पर असर को लेकर लोगों के मन में कितनी अनिश्चितता है. हालांकि, कुछ लोग अभी भी स्थिति को लेकर स्पष्ट राय नहीं बना पाए हैं. करीब 16 फीसदी लोगों ने कहा कि वे नहीं बता सकते कि कीमतें कितनी बढ़ेंगी, जो बाजार की अनिश्चितता और बदलते हालात की ओर इशारा करता है.
| LPG कीमत बढ़ोतरी का अनुमान | वीक-4 (%) | वीक-3 (%) |
|---|---|---|
| 10–20% तक बढ़ोतरी | 34 | 32 |
| 20–50% तक बढ़ोतरी | 26 | 23 |
| 50–100% तक बढ़ोतरी | 11 | 12 |
| 100% से ज्यादा (दोगुनी) | 13 | 13 |
| कह नहीं सकते | 16 | 20 |
हफ्ते भर का पैटर्न
अगर पिछले हफ्ते के मुकाबले आंकड़ों को देखें तो यह साफ नजर आता है कि बड़ी बढ़ोतरी की आशंका रखने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि “कह नहीं सकते” कहने वालों की संख्या थोड़ी घटी है. इसका मतलब है कि अब लोगों को महंगाई बढ़ने का अंदेशा ज्यादा स्पष्ट रूप से होने लगा है. यह सर्वे इस बात की झलक देता है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के खर्च को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है.
अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं या सप्लाई में बाधा आती है, तो LPG समेत अन्य ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. ऐसे में आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि वैश्विक हालात किस दिशा में जाते हैं, क्योंकि उसी पर तय होगा कि आम आदमी की रसोई पर कितना बोझ बढ़ने वाला है.
फ्यूल प्राइस पर भी बढ़ेगा दबाव?
इससे इतर, सर्वे में यह भी पूछा गया कि क्या ईरान युद्ध की वजह से से खाड़ी देशों में फैली अशांति से पेट्रोल-डीजल के भाव पर भी दबाव पड़ सकता है. इसको लेकर तकरीबन 81 फीसदी लोगों का कहना है कि जारी तनाव का असर फ्यूल के प्राइसिंग पर पड़ सकता है. वहीं, 9 फीसदी लोगों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं होगा. वहीं, 9 फीसदी लोगों ने ‘कुछ कह नहीं सकते’ पर टिक किया.

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