Repo Rate Cut: RBI का न्यू ईयर गिफ्ट, 0.25 फीसदी घटाया रेपो रेट; जानें कितनी घटेगी EMI

RBI ने आम लोगों को राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है. मौद्रिक नीति समिति की बैठक में लिया गया यह फैसला अर्थव्यवस्था को सहारा देने के उद्देश्य से किया गया है. कटौती के बाद देश में रेपो रेट 5.25 फीसदी पर आ गया है. इससे पहले भी आरबीआई इस साल तीन बार दरों को कम कर चुका है. नए फैसले का असर सीधे लोन और EMI पर पड़ेगा जिससे कर्ज लेने वालों को फायदा होगा.

RBI ने रेपो रेट में कटौती की है. Image Credit:

RBI की मौद्रिक नीति समिति ने आम आदमी को राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है. गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में 3 दिसम्बर से चल रही बैठक में यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए लिया गया. कटौती के बाद रेपो रेट घटकर 5.25 फीसदी हो गया है. इस साल आरबीआई इससे पहले भी तीन बार दरों में कमी कर चुका है, जिससे लोन EMI पर सीधा असर पड़ेगा.

कितनी घटेगी EMI

मान लीजिए कि आपने 80 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तब

कैलकुलेशन

  • पुरानी ब्याज दर: 8.50%
  • नई ब्याज दर: 8.25%
  • लोन राशि: ₹80,00,000
  • अवधि: 20 वर्ष

EMI कैलकुलेशन

  • पुरानी EMI (8.50% पर): ₹69,238 प्रति माह
  • नई EMI (8.25% पर): ₹67,976 प्रति माह
  • मासिक बचत: ₹1,262
  • सालाना बचत: ₹15,144
डिटेल8.50% ब्याज दर8.25% ब्याज दरफायदा
लोन राशि₹80,00,000₹80,00,000
अवधि20 वर्ष20 वर्ष
मासिक EMI₹69,238₹67,976₹1,262 कम
सालाना EMI खर्च₹8,30,856₹8,15,712₹15,144 बचत
कुल ब्याज भुगतान₹85.17 लाख₹82.14 लाख₹3.03 लाख कम

महंगाई कम रहने की उम्मीद

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि भारत का Forex Reserve $686 बिलियन पर पहुंच गया है और देश का एक्सटर्नल सेक्टर मजबूत बना हुआ है. उन्होंने कहा कि खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण महंगाई (CPI Inflation) पहले के अनुमान से कम रहने की उम्मीद है.पूरे साल के लिए इसे 2% प्रोजेक्ट किया गया है। Q3 में CPI 0.6% और Q4 में 2.9% रहने का अनुमान है, जबकि FY27 की Q1 और Q2 के लिए यह क्रमशः 3.9% और 4% रहेगी.

GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया

वहीं, RBI ने रियल GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है. Q3 GDP 7%, Q4 6.5%, जबकि अगले वर्ष Q1 और Q2 के लिए यह 6.7% और 6.8% रहने की उम्मीद है. मल्होत्रा ने बताया कि भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व $686 बिलियन है, जो 11 महीने के इम्पोर्ट को कवर करने के लिए काफी है.

क्या है एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी. के. विजयकुमार के अनुसार, अर्थव्यवस्था में पहले से मजबूत वृद्धि के बावजूद, एमपीसी का यह फैसला दिखाता है कि कमेटी ग्रोथ को और आगे बढ़ाने के लिए जोखिम लेने को तैयार है, भले ही रुपये में गिरावट जारी क्यों ना हो. उन्होंने कहा कि 25 बेसिस पॉइंट कटौती के लिए सर्वसम्मति से लिया गया फैसला इस बात का संकेत है कि सभी सदस्यों के बीच ग्रोथ को बढ़ावा देने पर एक समान राय बनी हुई है.

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आटो और रियल सेक्टर को होगा फायदा

विजयकुमार ने बताया कि FY26 के लिए 7.3 फीसदी GDP ग्रोथ का नया अनुमान बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. हालांकि बैंक इस फैसले को पसंद करेंगे, लेकिन रेट कट का बहुत सकारात्मक असर उनकी ओर से नहीं दिखेगा क्योंकि इससे उनकी नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और जमा राशि जुटाने में भी चुनौती आएगी, खासकर तब जब डिपॉजिट रेट कम किए जाते हैं. वहीं, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे रेट सेंसिटिव सेक्टर इस कटौती का सीधा फायदा उठाएंगे, क्योंकि ब्याज दर घटने से इन क्षेत्रों में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है.