उज्जीवन SFB अभी नहीं बन पाएगा ‘बड़ा बैंक,’ RBI ने लौटाया यूनिवर्सल बैंक में तब्दील होने का आवेदन
Ujjivan Small Finance Bank: केंद्रीय बैंक ने SFB को सलाह दी है कि वह ज्यादा डायवर्सिफाइ लोन पोर्टफोलियो दिखाने के बाद दोबारा आवेदन करने पर विचार करे. बैंक ने फरवरी 2025 में यूनिवर्सल बैंक में बदलने के लिए अपना आवेदन जमा किया था.
Ujjivan Small Finance Bank: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) ने सोमवार को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यूनिवर्सल बैंक में बदलने के लिए उसका आवेदन लौटा दिया है. RBI ने कहा है कि बैंक को अब तक की प्रगति से आगे बढ़कर अपने लोन बुक में और अधिक डायवर्सिफिकेशन लाने की जरूरत है. केंद्रीय बैंक ने SFB को सलाह दी है कि वह ज्यादा डायवर्सिफाइ लोन पोर्टफोलियो दिखाने के बाद दोबारा आवेदन करने पर विचार करे.
RBI ने क्यों लौटाया आवेदन?
एक एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक ने कहा, ‘RBI ने अपने पत्र के जरिए, बैंक के लोन पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने की दिशा में हाल के प्रयासों पर ध्यान दिया. हालांकि, उसका मानना था कि इस क्षेत्र में प्रगति की गुंजाइश है. इसलिए, RBI ने आवेदन को लौटा दिया है.
तीन बैंकों ने जमा किया था आवेदन
बैंक ने फरवरी 2025 में यूनिवर्सल बैंक में बदलने के लिए अपना आवेदन जमा किया था. यह उन तीन स्मॉल फाइनेंस बैंकों में से एक था, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक, जिन्होंने इस तरह के बदलाव के लिए भारतीय रिजर्व बैंक में आवेदन किया था. जहां AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को पिछले साल RBI की मंजूरी मिल गई थी और वह अभी बदलाव की प्रक्रिया में है, वहीं जना स्मॉल फाइनेंस बैंक का आवेदन भी केंद्रीय बैंक ने लौटा दिया है.
दिसंबर तिमाही (Q3FY26) तक, इसका सिक्योर्ड लोन बुक 37,057 करोड़ रुपये के कुल लोन बुक का 48 फीसदी था. मार्च तिमाही (Q4FY26) में यह और बेहतर होकर 49.4 फीसदी हो गया. Q4FY25 में, सिक्योर्ड बुक 43.5 फीसदी था.
सिक्योर्ड पोर्टफोलियो
बैंक ने पहले संकेत दिया था कि वह पिछले कुछ साल से अपने सिक्योर्ड पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है और FY25 में इस बदलाव ने गति और जोर पकड़ा है. अनसिक्योर्ड लोन का हिस्सा कुछ साल पहले के लगभग 70 फीसदी से घटकर अब 50 फीसदी से थोड़ा अधिक रह गया है. बैंक ने कहा है कि उसका इरादा मार्च 2030 तक सिक्योर्ड लेंडिंग के रेश्यो को बढ़ाकर 65–70 फीसदी तक ले जाने का है.
यूनिवर्सल बैंक में बदलने के लिए एप्लीकेशन बैंक की लंबी अवधि की ग्रोथ योजनाओं के हिस्से के तौर पर जमा की गई थी. बैंक ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘उज्जीवन डाइवर्सिफिकेशन के रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा और RBI के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, सही समय पर एप्लीकेशन फिर से जमा करेगा.’
ऑपरेशनल ट्रैक रिकॉर्ड
RBI के निर्देशों के अनुसार, केवल लिस्टेड SFB ही यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के योग्य हैं. योग्य होने के लिए, उनके पास कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की नेट वर्थ, शेड्यूल्ड बैंक का दर्जा, और कम से कम पांच साल का संतोषजनक ऑपरेशनल ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए. इसके अलावा, उन्हें लगातार मुनाफे में रहना चाहिए, जिसमें पिछले दो फाइनेंशियल वर्षों में ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 3 फीसदी से कम और नेट NPAs 1 फीसदी से कम हों.
NPAs पर विशेष जोर
हालांकि, सेंट्रल बैंक के नियमों के तहत एक डाइवर्सिफाइड लोन बुक कोई स्पष्ट शर्त नहीं है, लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि यूनिवर्सल बैंक में बदलने की चाह रखने वाले स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) के लिए तय निर्देशों से परे, भारतीय रिजर्व बैंक कुछ अतिरिक्त पैमानों का भी बारीकी से मूल्यांकन कर रहा है. इनमें एसेट क्लास और भौगोलिक क्षेत्रों में डाइवर्सिफिकेशन का स्तर, लोन बुक का आकार, गवर्नेंस के मानक और एसेट की गुणवत्ता शामिल हैं, जिसमें ग्रॉस NPAs पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
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