Reliance Retail, Flipkart टॉप अनलिस्टेड सितारे, इन 100 अनलिस्टेड कंपनियों की वैल्यू 28.5 लाख करोड़
इन 100 कंपनियों की कुल अनुमानित वैल्यू 28.5 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 328 अरब डॉलर आंकी गई है. यह रकम यूरोप के देश Finland की जीडीपी से भी ज्यादा है. इससे पता चलता है कि भारत की अनलिस्टेड कंपनियां आर्थिक रूप से कितनी मजबूत हो चुकी हैं.
Reliance Retail, Flipkart और Malabar Gold and Diamonds को साल 2026 की 100 सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों में शीर्ष स्थान मिला है. यह सूची JM Financial और Hurun India ने मिलकर जारी की है. इसमें उन कंपनियों को शामिल किया गया है जिनका कारोबार कम से कम 1,000 करोड़ रुपये है और जिनकी आय तथा मुनाफा लगातार बढ़ रहा है. खास बात यह है कि इन कंपनियों ने अभी तक IPO लाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.
कौन रही नंबर 1?
इस सूची में Reliance Retail पहले स्थान पर रही, जिसका सालाना रेवेन्यू लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनी बन गई है. दूसरे स्थान पर Flipkart रही, जिसकी आय 83,000 करोड़ रुपये दर्ज की गई. वहीं तीसरे स्थान पर Malabar Gold and Diamonds रही, जिसका सालाना रेवेन्यू 66,000 करोड़ रुपये रहा.
तेजी से बढ़ती अनलिस्टेड कंपनियां
इन 100 कंपनियों की कुल आय 2025 में 8.9 लाख करोड़ रुपये रही, जो 2023 में 6.7 लाख करोड़ रुपये थी. यानी सिर्फ दो साल में इन कंपनियों ने लगभग 15.2 प्रतिशत की सालाना दर से वृद्धि दर्ज की. सबसे तेज बढ़ने वाली कंपनियों में Tata Electronics (3173% CAGR), Tata Passenger Electric Mobility (904% CAGR) और JSW One Platforms (522% CAGR) शामिल हैं.
कितनी है इन कंपनियों की वैल्यू?
इन 100 कंपनियों की कुल अनुमानित वैल्यू 28.5 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 328 अरब डॉलर आंकी गई है. यह रकम यूरोप के देश Finland की जीडीपी से भी ज्यादा है. इससे पता चलता है कि भारत की अनलिस्टेड कंपनियां आर्थिक रूप से कितनी मजबूत हो चुकी हैं.
मुनाफे में कौन आगे?
मुनाफे यानी EBITDA के मामले में भी Reliance Retail सबसे आगे रही, जिसने 22,573 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया. इसके बाद Adani Properties 11,332 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर और Zerodha Broking 5,664 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर रही. इन सभी 100 कंपनियों ने मिलकर कुल 1.03 लाख करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया.
पारिवारिक और प्रोफेशनल कंपनियों का संतुलन
इस सूची की लगभग आधी कंपनियां पारिवारिक कारोबार हैं, जबकि बाकी आधी प्रोफेशनली मैनेज्ड या नई डिजिटल कंपनियां हैं. करीब दो-तिहाई कंपनियां पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ी हैं, जबकि एक-तिहाई कंपनियां डिजिटल और नवाचार आधारित मॉडल पर काम कर रही हैं. यह भारत के पारंपरिक उद्योगों और तेजी से उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच संतुलन को दिखाता है.
क्या कहा JM Financial ने?
Vishal Kampani, जो JM Financial के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, ने कहा कि ये 100 अनलिस्टेड कंपनियां भारत की आर्थिक ताकत का अहम हिस्सा हैं. उनके मुताबिक, ये कंपनियां मजबूती, स्थिरता और लंबी अवधि में मूल्य निर्माण का उदाहरण पेश करती हैं.
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