Nayara के बाद Shell ने भी फ्यूल की कीमतें बढ़ाईं, डीजल ₹25 प्रति लीटर और पेट्रोल ₹7.4 महंगा
Shell India ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि प्राइवेट फ्यूल विक्रेता, कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत, जो अपने कच्चे तेल का लगभग 88 फीसदी आयात करता है, आपूर्ति में रुकावटों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसकी वजह से रिटेल तेल की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. Nayara Energy के बाद, Shell India ने 1 अप्रैल को ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं. Shell India ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि प्राइवेट फ्यूल विक्रेता, कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं.
कितने रुपये बढ़ी कीमत?
मनीकंट्रोल के अनुसार, बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतों में 7.41 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. अब रेगुलर पेट्रोल की कीमत 119.85 रुपये और Power वेरिएंट की कीमत 129.85 रुपये प्रति लीटर है. स्थानीय टैक्स के कारण अन्य बाजारों में कीमतें थोड़ी अलग हो सकती हैं. डीजल की कीमतों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जो 25.01 रुपये प्रति लीटर है. अब सामान्य डीजल 123.52 रुपये और प्रीमियम डीजल 133.52 रुपये में बिक रहा है.
क्या अभी और बढ़ सकता है रेट?
सूत्रों ने इस बढ़ोतरी का कारण ईरान युद्ध के बाद वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी को बताया है. सूत्रों के अनुसार, डीजल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं और संभावित रूप से 148-165 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
निजी ईंधन खुदरा विक्रेता दबाव में हैं, क्योंकि सरकारी कंपनियों ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कीमतें काफी हद तक अपरिवर्तित रखी हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विपरीत, निजी कंपनियों को खुदरा कीमतें स्थिर रखने के लिए कोई मुआवजा नहीं मिलता, जिससे उन्हें कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ता है.
60 फीसदी तब बढ़ी हैं क्रूड ऑयल की कीमतें
भारत, जो अपने कच्चे तेल का लगभग 88 फीसदी आयात करता है, आपूर्ति में रुकावटों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है. पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली शिपमेंट को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, तब से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 60 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं.
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