सस्ती सर्विस से AI तक, डायग्नोस्टिक्स सेक्टर में हो रहा बड़ा बदलाव; इन 3 कंपनियों पर रखें नजर
भारत का डायग्नोस्टिक्स सेक्टर तेजी से बदल रहा है, जहां पैथोलॉजी से आगे बढ़कर रेडियोलॉजी नया ग्रोथ इंजन बन रही है. 62,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने वाले इस मार्केट में Vijaya Diagnostic, Krsnaa Diagnostics और Suraksha Diagnostic जैसी कंपनियां मजबूत स्थिति में हैं. Vijaya अपने मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्जिन के लिए जानी जाती है, जबकि Krsnaa सस्ती सर्विस और बड़े नेटवर्क के जरिए विस्तार कर रही है.
Diagnostics Sector India: भारत का डायग्नोस्टिक्स सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां पारंपरिक पैथोलॉजी मॉडल से हटकर अब रेडियोलॉजी तेजी से ग्रोथ का नया इंजन बनती जा रही है. पहले जहां यह सेक्टर कम लागत और ज्यादा वॉल्यूम वाले टेस्ट पर आधारित था, वहीं अब हाई-वैल्यू इमेजिंग, जैसे फुल बॉडी स्कैन, कैंसर स्क्रीनिंग और कार्डियक इमेजिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है. अनुमान है कि भारत का रेडियोलॉजी मार्केट 11–13 फीसद की दर से बढ़ते हुए आने वाले वर्षों में करीब 62,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इस बदलाव के बीच कुछ कंपनियां मजबूत पकड़ बनाकर उभर रही हैं, जो इस ट्रेंड का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकती हैं.
Vijaya Diagnostic: रेडियोलॉजी में मजबूत पकड़
Vijaya Diagnostic Centre देश की प्रमुख बी2सी डायग्नोस्टिक चेन में शामिल है, जिसने रेडियोलॉजी को अपने बिजनेस का अहम हिस्सा बना लिया है. कंपनी के कुल रेवेन्यू में करीब 37 फीसद हिस्सा रेडियोलॉजी से आता है, जबकि पैथोलॉजी का योगदान 63 फीसद है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसमें दर्जनों एमआरआई और सीटी मशीनें शामिल हैं. कंपनी ने साउथ इंडिया में नई तकनीक अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है.
कंपनी का बी2सी मॉडल इसे बेहतर मार्जिन देता है और मरीजों के साथ सीधा जुड़ाव बनाता है. 9 महीने के वित्तीय प्रदर्शन में कंपनी का रेवेन्यू 17 फीसद बढ़कर 595 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 40.6 फीसद रहा, जो इस सेक्टर में काफी मजबूत माना जाता है. बुधवार को कंपनी का शेयर 2.80 फीसदी बढ़कर 885.50 रुपये पर पहुंच गया है.
Krsnaa Diagnostics: सस्ती कीमत में बड़ा नेटवर्क
Krsnaa Diagnostics ने अपनी अलग रणनीति के जरिए बाजार में मजबूत जगह बनाई है. यह कंपनी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत काम करती है और 50–70 फीसद तक सस्ती सर्विस देती है. इसका नेटवर्क 18 राज्यों में फैला हुआ है, जिसमें 190 से ज्यादा सीटी और एमआरआई सेंटर शामिल हैं.
रेडियोलॉजी में भारी निवेश इसकी सबसे बड़ी खासियत है, जो नए खिलाड़ियों के लिए एंट्री मुश्किल बना देता है. हालांकि शुरुआती निवेश ज्यादा होने से रिटर्न पर दबाव रहता है, लेकिन लंबी अवधि में यह मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है. कंपनी का रेवेन्यू 580 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 28 फीसद रहा. बुधवार को कंपनी का शेयर 7.85 फीसदी बढ़कर 561.15 रुपये पर पहुंच गया है.
Suraksha Diagnostic: एआई के सहारे ग्रोथ
Suraksha Diagnostic ईस्टर्न इंडिया की बड़ी डायग्नोस्टिक चेन है, जो तेजी से विस्तार कर रही है. कंपनी का फोकस रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी के बैलेंस्ड मॉडल पर है, जहां दोनों सेगमेंट लगभग बराबर योगदान देते हैं. कंपनी ने हाल ही में एआई आधारित टेक्नोलॉजी को अपनाया है, जिससे रिपोर्टिंग की स्पीड और एक्यूरेसी बेहतर हो रही है.
यह कदम कंपनी के लिए ग्रोथ का नया रास्ता खोल सकता है. 9 महीने के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 22 फीसद बढ़कर 231 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 32 फीसद रहा. बुधवार को कंपनी का शेयर 7.60 फीसदी बढ़कर 245.27 रुपये पर पहुंच गया है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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