Closing Bell: बाजार में आई रैली! सेंसेक्स 1186 अंक चढ़ा, निफ्टी 22600 के ऊपर बंद; निवेशकों को ₹11 लाख करोड़ का फायदा
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो फार्मा सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए. फार्मा इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा. वहीं डिफेंस इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार तेजी रही. इसके अलावा कैपिटल गुड्स, मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 3-3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.
1 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रैली देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,134.32 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 348 अंक यानी 1.56 प्रतिशत चढ़कर 22,679.40 के स्तर पर बंद हुआ और 22,600 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा. कारोबार के दौरान करीब 3,675 शेयरों में तेजी रही, जबकि 478 शेयर गिरे और 90 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए. इस तेजी के बाद निवेशकों को करीब 11 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ.
लूजर-गेनर
निफ्टी के टॉप गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन, अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज, ट्रेंट और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल रहे. वहीं गिरने वाले शेयरों में डॉ रेड्डीज लैब्स, एचडीएफसी लाइफ, सिप्ला, एनटीपीसी और सन फार्मा रहे. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 2.2 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 3.3 प्रतिशत तक उछल गया.
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो फार्मा सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए. फार्मा इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा. वहीं डिफेंस इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार तेजी रही. इसके अलावा कैपिटल गुड्स, मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 3-3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आईटी, मेटल, रियल्टी, एफएमसीजी, टेलीकॉम और प्राइवेट बैंक सेक्टर में 1 से 2 प्रतिशत तक की तेजी रही.
सेंसेक्स के शेयरों का हाल

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

क्यों आई तेजी?
जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने के संकेत
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद रही. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया कि अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई खत्म हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष को खत्म करने के लिए किसी औपचारिक समझौते की जरूरत नहीं होगी.
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर के नीचे आ गया.
ग्लोबल बाजारों से मिला मजबूत सपोर्ट
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद का असर दुनियाभर के बाजारों पर भी दिखा. एशियाई बाजारों में सुबह के कारोबार के दौरान करीब 3.7 प्रतिशत तक तेजी रही. गिफ्ट निफ्टी में करीब 450 अंकों की बढ़त देखने को मिली, जबकि डाओ फ्यूचर्स भी मजबूती में रहे. इससे पहले अमेरिकी बाजार भी जोरदार तेजी के साथ बंद हुए थे, जहां नैस्डैक करीब 4 प्रतिशत तक उछला. इस ग्लोबल मजबूती ने भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को भी सपोर्ट दिया.
India VIX में गिरावट से बढ़ा भरोसा
बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला इंडिया VIX करीब 10 प्रतिशत गिरकर 25 के आसपास आ गया. VIX में यह गिरावट बताती है कि निवेशकों की घबराहट कम हुई है और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है. जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, बाजार में स्थिरता लौटती गई और तेजी को और मजबूती मिली.
कैसा रहा था कल का बाजार?
बीते कारोबारी दिन 30 मार्च को शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 1,636 अंक यानी 2.22 प्रतिशत टूटकर 71,948 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी भी 488 अंक यानी 2.14 प्रतिशत गिरकर 22,331 पर बंद हुआ. कारोबार में खास तौर पर बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली.
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