Tata Motors PV Q3: ऑटो कंपनी को 3483 करोड़ रुपये का हुआ घाटा, JLR का रेवेन्यू सालाना आधार पर 39.4 फीसदी गिरा
Tata Motors PV Q3: ऑपरेशंस से कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू गिरकर 70,108 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही के 94,472 करोड़ रुपये से 25.8 फीसदी कम है. कंपनी ने कहा, 'कुल मिलाकर ग्लोबल डिमांड अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.'
Tata Motors PV Q3: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (PV) ने गुरुवार, 5 फरवरी को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दिसंबर तिमाही में 3,483 करोड़ रुपये का लॉस बताया है. जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में कंपनी को 5,485 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था. ऑपरेशंस से कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू गिरकर 70,108 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही के 94,472 करोड़ रुपये से 25.8 फीसदी कम है.
कंपनी ने कहा कि JLR (जगुआर लैंड रोवर) साइबर घटना का असर नतीजों पर पड़ा और कंपनी Q4 में मजबूत रिकवरी के लिए तैयार है.
Q4 में परफॉर्मेंस में होगा सुधार
टाटा मोटर्स PV के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीमान गुप्ता ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि JLR में रिकवरी और घरेलू बाजार हिस्सेदारी में लगातार ग्रोथ के साथ Q4 में परफॉर्मेंस में काफी सुधार होगा. हम अवसरों का फायदा उठाने और एक शानदार प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मार्जिन सुधार के लिए फोकस्ड अप्रोच के जरिए ग्रोथ हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.’
EBITDA में गिरावट
टाटा मोटर्स PV का कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर 1,120 bps घटकर 2.2 फीसदी हो गया. टाटा मोटर्स ने कहा कि ज्यादा वॉल्यूम और इंसेंटिव के कारण उसका घरेलू परफॉर्मेंस पिछले क्वार्टर की तुलना में बेहतर हुआ है. टाटा मोटर्स PV ने कहा कि JLR में साइबर घटना के कारण उसके परफॉर्मेंस पर काफी असर पड़ा. हालांकि, ज्यादा वॉल्यूम और इंसेंटिव के कारण घरेलू ऑपरेशन में पिछले क्वार्टर की तुलना में सुधार हुआ.
कंपनी का एक्सेप्शनल खर्च
Q3 FY26 के लिए PBT (एक्सेप्शनल आइटम से पहले) 3,100 करोड़ रुपये रहा. कंपनी ने 1,600 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल आइटम बताए, जिसमें मुख्य रूप से JLR साइबर घटना (800 करोड़ रुपये), न्यू लेबर कोड (400 करोड़ रुपये) और स्टाम्प ड्यूटी (400 करोड़ रुपये) से संबंधित खर्च शामिल हैं.
कंपनी ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप रिपोर्टेड PBT 4,700 करोड़ रुपये रहा. JLR में डेफर्ड टैक्स एसेट को पहचानने के बाद Q3 FY26 के लिए नेट लॉस 3,500 करोड़ रुपये रहा.
कंपनी ने बताया कि कम वॉल्यूम और JLR में खराब वर्किंग कैपिटल असर के कारण, इस तिमाही में कुल फ्री कैश फ्लो 17,900 करोड़ रुपये पर नेगेटिव रहा. 31 दिसंबर, 2025 तक नेट कर्ज 39,400 करोड़ रुपये था.
चुनौतीपूर्ण बनी हुई है ग्लोबल डिमांड
कंपनी ने कहा, ‘कुल मिलाकर ग्लोबल डिमांड अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. हम JLR में अपने प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ाने के लिए ब्रांड-आधारित कदम उठाएंगे और बचत और कैश फ्लो को बेहतर बनाने के मकसद से एंटरप्राइज मिशन प्रोग्राम को लागू करेंगे.’
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