साल 2050 तक भारत बन जाएगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली कंज्यूमर
भारत साल 2050 तक दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बिजली उपभोक्ता बन जाएगा. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है.
भारत लगातार विश्व पटल पर बेहतर कर रहा है. अब ऐसे में रिपोर्ट सामने आ रही है कि भारत साल 2050 तक दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बिजली उपभोक्ता बन जाएगा. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है. भारत दुनिया का तीसरा बड़ा बिजली उपभोक्ता बन जाएगा क्योंकि बिजली की मांग में प्रति वर्ष 4% से अधिक की बढ़ोतरी होगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में 2023 में बिजली की मांग में औसतन 15%बढ़ोतरी होगी. साथ ही साल 2050 तक यह लगभग तीन गुना हो जाएगी.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईवी के बढ़ते इस्तेमाल इसे प्रभावित करने वाले हैं. साल 2050 में चीन और अमेरिका में बिजली की मांग भारत से अधिक होगी. IEA ने कहा कि भारत में एयर-कंडीशनिंग की मांग के कारण इसमें तेजी से बढ़ोतरी होगी. EMDE में बिजली की मांग में बढ़ोतरी मुख्य रूप से घरेलू उपकरणों की अफॉर्डेबिलिटी के कारण होगी. आने वाले सालों में दुनिया एक नए ऊर्जा बाजार के में प्रवेश करने के लिए तैयार है.
कोयले और तेल युग के बाद अब बिजली युग
IEA ने कहा कि साल 2020 के सेकेंड हाफ में तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. इसके साथ ही कुछ प्रमुख क्लीन एनर्जी टेक्नॉलजी, विशेष रूप से सोलर और बैटरी के लिए प्रोडक्शन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी भी शामिल है. एजेंसी ने कहा कि हमने कोयले और तेल का युग देखा है. अब हम बिजली के युग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में कोयला अगले दशकों में एनर्जी में एक मजबूत स्थान बनाए रखने के लिए तैयार है. वहीं साल 2030 तक कोयले से बिजली उत्पादन 15% से अधिक बढ़ जाएगा.
कोयला उद्योग में ऊर्जा की मांग को पूरा करने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है. साल 2023 में इसकी ऊर्जा जरूरतों का 40% प्रदान कर रहा है, 2035 तक उद्योग में कोयले की खपत 50% बढ़ जाएगी.