अलविदा आशा ताई… 92 साल की उम्र में निधन, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार

Asha Bhosle ने 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में Breach Candy Hospital में आखिरी सांस लीं. कल शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा. 11 अप्रैल शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था.

Asha Bhosle Death Image Credit: Money9 live

Asha Bhosle Died at 92: मशहूर सिंगर और दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित Asha Bhosle ने 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में मुंबई के Breach Candy Hospital में आखिरी सांस ली. उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को शाम 4 बजे किया जाएगा. 11 अप्रैल, शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था.

उनकी पोती जनाई भोसले के मुताबिक, आशा भोसले को ज्यादा थकान और सीने में इंफेक्शन की शिकायत थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहीं अस्पताल के डॉक्टर प्रतित समधानी ने बताया कि सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद तुरंत इलाज शुरू किया गया था.

अस्पताल में चल रहा था इलाज

आशा भोसले को दिल और सांस से जुड़ी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत काफी गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्हें ICU में रखा गया. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. रविवार दोपहर उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की. परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार अगले दिन किया जाएगा.

बचपन से शुरू हुआ था सफर

आशा भोसले का जन्म 1933 में मंगेशकर परिवार में हुआ था. उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था. साल 1943 में उन्होंने अपना पहला फिल्मी गाना रिकॉर्ड किया. धीरे-धीरे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली और कई बड़े संगीतकारों की पहली पसंद बन गईं.

आशा भोसले की सबसे बड़ी खासियत उनकी अलग-अलग तरह के गाने गाने की क्षमता थी. शुरुआत में उन्हें हल्के और कैबरे स्टाइल गाने दिए जाते थे. लेकिन बाद में उन्होंने क्लासिकल और गजल में भी शानदार काम किया. उनके कई गाने आज भी लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.

कई बड़े सम्मान

अपने लंबे करियर में आशा भोसले को कई बड़े अवॉर्ड मिले. उन्हें 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 2 नेशनल अवॉर्ड भी मिले.
उन्होंने संगीत की दुनिया में जो योगदान दिया, उसे हमेशा याद किया जाएगा. उनका निजी जीवन भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा. लेकिन उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया. अपने आखिरी समय में वह अपनी पोती जनाई भोसले के साथ ज्यादा नजर आती थीं.

एक युग का अंत

आशा भोसले के निधन के साथ ही भारतीय संगीत का एक सुनहरा दौर खत्म हो गया है. उनकी आवाज और गाने हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी.