EMI भरने के लिए Rapido चला रहा यह इंजीनियर, खरीदा था 1.4 करोड़ का घर, छूट गई 40 LPA की नौकरी
लगातार हो रहे लेऑफ के दौर में एक आईटी प्रोफेशनल की कहानी ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. कभी ₹40 लाख सालाना कमाने वाला एक इंजीनियर आज अपनी ₹95,000 की EMI चुकाने के लिए बाइक टैक्सी चला रहा है. यह घटना दिखाती है कि ऊंची सैलरी भी आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं होती.

Viral Video: बीते कुछ दिनों और हाल के महीनों में दुनियाभर की दिग्गज कंपनियों ने कॉस्ट कटिंग के लिए मास लेऑफ किए हैं. हाल ही में IT कंपनी Oracle ने अपने 30 हजार कर्मचारियों को रातों-रात नौकरी से निकाल दिया. इसी तरह Disney ने भी लेऑफ का ऐलान किया है. इससे पहले TCS ने भी 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी की थी. इन मास लेऑफ के दौरान कई बार ऐसी कहानियां सामने आती हैं, जो प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों में डर पैदा कर देती हैं.
हाल ही में एक ऐसी ही कहानी सामने आई है, जिसमें पता चला कि एक समय ₹40 लाख सालाना कमाने वाला आईटी प्रोफेशनल आज अपने घर की EMI भरने के लिए बाइक टैक्सी चला रहा है. 2024 में ₹1.4 करोड़ का फ्लैट खरीदने वाला यह युवक अब नौकरी छूटने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहा है. उसकी कहानी बताती है कि अचानक आई नौकरी की समस्या कैसे किसी की पूरी जिंदगी बदल सकती है.
जब सब कुछ सही लग रहा था
एक इंस्टा यूजर ने वीडियो में बताया कि 2024 में उसके दोस्त के पास हाई-पेइंग जॉब थी. इसी भरोसे पर उसने एक बड़ा फैसला लेते हुए Prateek Grand City में ₹1.4 करोड़ में एक प्रीमियम 3BHK फ्लैट खरीद लिया. उस वक्त उसके पास नौकरी थी, इसलिए वह आसानी से EMI दे रहा था, लेकिन जैसे ही नौकरी गई, उसे रोजाना खर्च चलाने के लिए Rapido चलाना पड़ रहा है. यूजर ने बताया कि उसने अपनी गाड़ी Rapido में डाल दी है.
नौकरी गई और हालात बदल गए
अचानक नौकरी छूटने के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. तीन महीने से कोई आय नहीं होने के कारण ₹95,000 की EMI अब बहुत बड़ा बोझ बन गई है. उसकी कमाई भले ही रुक गई हो, लेकिन बैंक की किश्तें नहीं रुकीं. ऐसे में उसने गुजारा करने के लिए बाइक टैक्सी चलाना शुरू कर दिया. यूजर का सवाल है कि अगले 20 साल तक वह ₹95,000 की EMI कैसे भरेगा.
अच्छी सैलरी भी नहीं देती पूरी सुरक्षा
यह कहानी बताती है कि सिर्फ ज्यादा कमाई ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है. लंबे समय के लोन और EMI अचानक आने वाले संकट में मुश्किल बन सकते हैं. आईटी जैसे सेक्टर में नौकरी का जोखिम हमेशा बना रहता है, लेकिन अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. साथ ही मौजूदा वक्त में इस सेक्टर के सामने AI सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रहा है, जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह कितना बड़ा हो सकता है.
सोशल मीडिया पर नसीहत दे रहे यूजर्स
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है. कई लोग अब सोच रहे हैं कि अगर उनके साथ ऐसा हो जाए, तो वे क्या करेंगे.
सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें कई नसीहतें दे रहे हैं.
अमन धायल नाम के एक X यूजर ने कहा कि घर बेचकर लोन खत्म कर देना चाहिए और जरूरत पड़े तो गांव में जाकर सादा जीवन जीना बेहतर विकल्प हो सकता है.
संजय त्रिवेदी नाम के एक यूजर ने चिंता जताते हुए लिखा कि अगर Rapido या Uber जैसे काम भी बंद हो जाएं, तो फिर EMI कैसे भरी जाएगी. यानी उन्होंने अस्थिर कमाई पर सवाल उठाया.
ThinkerForEarth नाम के एक यूजर ने सुझाव दिया कि फ्लैट को ₹65-70 हजार महीने के किराए पर दे देना चाहिए और अगले दो साल में नौकरी ढूंढते हुए उसे बेचने की कोशिश करनी चाहिए, भले ही कुछ नुकसान क्यों न हो.
वहीं, सोमशेखर बी नाम के यूजर ने इस बात पर नाराजगी जताई कि लोग मदद करने के बजाय सलाह देने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति को सहारा देने की जरूरत होती है, न कि सिर्फ आलोचना की.
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि घर को रेंट पर दे दो और किराये से EMI से पे कर देना.
सीख क्या है?
इस घटना से यह सीखा जा सकता है कि बड़े फैसले लेते समय भविष्य की अनिश्चितता को भी ध्यान में रखना जरूरी है. सिर्फ आज की कमाई के भरोसे लंबी जिम्मेदारियां लेना जोखिम भरा हो सकता है.