बड़े निवेशकों को देखकर आप भी कूद जाते हैं IPO में? देखें कैसे मुकुल अग्रवाल के इन दांवों से अब तक नहीं उबर पाए हैं निवेशक
शेयर बाजार में बड़े निवेशकों के फैसले अक्सर चर्चा में रहते हैं. कुछ निवेश रणनीतियां कम समय में बड़ा मुनाफा देती हैं, तो कुछ में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता है. IPO बाजार से जुड़ा एक ऐसा ही पोर्टफोलियो इन दिनों निवेशकों के बीच बहस का विषय बना हुआ है.
Mukul Agrawal Portfolio: दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल का 2025-26 का IPO पोर्टफोलियो इस बात का साफ उदाहरण है कि शेयर बाजार में ज्यादा जोखिम लेने से मुनाफा भी बड़ा हो सकता है, लेकिन नुकसान की गुंजाइश भी उतनी ही रहती है. उनका यह पोर्टफोलियो SME और मेनबोर्ड दोनों सेगमेंट के IPO शेयरों से भरा है, जिनमें से कुछ ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है, तो कई शेयर अभी भी अपने इश्यू प्राइस से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं. यह निवेश या तो उनके निजी नाम से किया गया है या उनके निवेश फंड Sanshi Fund-I के जरिए.
SME शेयरों ने बनाया बड़ा पैसा
पोर्टफोलियो के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा फायदा SME सेगमेंट के शेयरों से हुआ है. सबसे बड़ा मल्टीबैगर टैंकअप इंजीनियर्स रहा, जिसने इश्यू प्राइस 140 रुपये से उछलकर 589 रुपये तक का सफर तय किया. यानी इसमें करीब 329 फीसदी का रिटर्न मिला. इसके बाद सैशेरोम ने 245 फीसदी और मोनोलिथिश इंडिया ने 217 फीसदी की जबरदस्त तेजी दिखाई. इनके अलावा बेलराइज इंडस्ट्रीज ने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया और इसमें 108 फीसदी की तेजी आई. जेलियो ई-मोबिलिटी में 97 फीसदी, सेफ एंटरप्राइजेज रिटेल फिक्सचर्स में 77 फीसदी और जैन रिसोर्स रिसाइक्लिंग में 61 फीसदी का रिटर्न दर्ज किया गया.
पोर्टफोलियो में कई ऐसे शेयर भी हैं, जिन्होंने सीमित लेकिन ठीक-ठाक रिटर्न दिया है. इनमें श्री रेफ्रिजरेशंस, कॉनप्लेक्स सिनेमाज, यूनिफाइड डेटा-टेक सॉल्यूशंस, आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स, ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और ब्रांडमैन रिटेल जैसे नाम शामिल हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो SME शेयरों ने सबसे ज्यादा अल्फा यानी अतिरिक्त रिटर्न दिया है.
नुकसान में चल रहे शेयर
हालांकि, हर दांव सफल नहीं रहा. पोर्टफोलियो में कुछ ऐसे शेयर भी हैं, जिनमें तेज गिरावट आई है. चैटरबॉक्स टेक्नोलॉजीज सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल है. इसके अलावा जेम एरोमैटिक्स, एलेनबैरी इंडस्ट्रियल गैसेस और लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस जैसे शेयर 35 से 40 फीसदी तक टूट चुके हैं. SME सेगमेंट में मेथडहब सॉफ्टवेयर और एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज में भी अच्छी-खासी गिरावट देखी गई है.
कुल तस्वीर क्या कहती है
चित्तौड़गढ़ डॉट कॉम के आंकड़ों के मुताबिक, इस पोर्टफोलियो के 32 शेयरों में से 18 अभी इश्यू प्राइस से ऊपर हैं, जबकि 14 नीचे कारोबार कर रहे हैं. यह साफ दिखाता है कि हाई-रिस्क स्ट्रैटेजी में बड़ा मुनाफा और बड़ा नुकसान दोनों साथ चलते हैं.
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साल 2025 में वैश्विक तनाव, टैरिफ से जुड़ी चिंताएं और ऊंचे वैल्यूएशन के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा. ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान बड़े और सुरक्षित शेयरों की ओर ज्यादा रहा, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में ज्यादा अस्थिरता देखने को मिली.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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