SBI Mutual Fund IPO पर बड़ा अपडेट! मार्च तक DRHP और सितंबर तक लिस्टिंग की तैयारी, पढ़ें पूरी डिटेल्स
SBI Mutual Fund के IPO को लेकर बड़ा संकेत मिला है. बैंक के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी के मुताबिक, कंपनी मार्च तक DRHP दाखिल कर सकती है और सितंबर तक शेयर बाजार में लिस्टिंग संभव है. इसके साथ ही SBI के नए बिजनेस प्लान से भी निवेशकों की नजर सोमवार को शेयरों पर रहेगी.
SBI Mutual Fund IPO: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़ा एक अहम अपडेट आया है. बैंक के चेयरमैन सी.एस.शेट्टी के बयान के बाद अब निवेशकों की नजर सोमवार, 23 फरवरी को SBI के शेयरों पर रहने वाली है. वजह है बैंक की सब्सिडियरी SBI Mutual Fund के IPO को लेकर मिला साफ संकेत और साथ ही अधिग्रहण वित्त (acquisition finance) जैसे नए बिजनेस से जुड़े प्लान.
सितंबर तक लिस्ट हो सकता है SBI Mutual Fund
SBI के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने पीटीआई के हवाले से बताया कि SBI Mutual Fund अपने IPO के लिए मार्च तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकता है. उन्होंने संकेत दिए कि अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो कंपनी की लिस्टिंग सितंबर तक हो सकती है. इससे पहले दिसंबर 2025 में ही मर्चेंट बैंकरों और अन्य सर्विस प्रोवाइडर्स की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी.
बोर्ड से मिल चुकी है मंजूरी
शेट्टी के मुताबिक, SBI, Amundi और SBI Funds Management Ltd (SBIFML) के बोर्ड ने IPO के लिए 12 महीने की टाइमलाइन को मंजूरी दे दी है. SBIFML, SBI और फ्रांस की Amundi के बीच जॉइंट वेंचर है, जिसमें SBI की 61.98 फीसदी और Amundi की 36.40 फीसदी हिस्सेदारी है. सितंबर 2025 तक SBI Mutual Fund के पास करीब 12 लाख करोड़ रुपये का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) था, जो इसे देश की सबसे बड़ी फंड हाउस बनाता है.
SBI के नए बिजनेस प्लान से भी बढ़ी दिलचस्पी
IPO के अलावा SBI का एक और कदम निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है. बैंक अब अधिग्रहण वित्त (acquisition finance) के क्षेत्र में भी विस्तार की तैयारी कर रहा है. RBI ने हाल ही में बैंकों को इस तरह की फंडिंग की अनुमति दी है. इसके तहत बैंक किसी डील की कुल लागत का 75 फीसदी तक फाइनेंस कर सकते हैं, हालांकि एक बैंक की कुल एक्सपोजर सीमा उसके कोर कैपिटल के 20 फीसदी तक सीमित रहेगी.
सी.एस. शेट्टी ने बताया कि SBI इस बिजनेस के लिए जापानी बैंकों से बातचीत कर रहा है, क्योंकि वे इस क्षेत्र में पहले से सक्रिय हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि किसी एक देश या बैंक को लेकर कोई खास प्राथमिकता नहीं है. शुरुआत में SBI जटिल डील्स से दूरी रखेगा और साधारण इक्विटी व डेट फाइनेंस पर फोकस करेगा.
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शेयर बाजार की नजर क्यों अहम
SBI Mutual Fund का IPO और बैंक का नए बिजनेस में प्रवेश, दोनों ही लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के संकेत माने जा रहे हैं. यही वजह है कि सोमवार को बाजार खुलते ही SBI के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. निवेशकों के लिए यह खबर आने वाले महीनों में SBI की ग्रोथ स्टोरी को लेकर अहम मानी जा रही है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
