₹2035 करोड़ जुटाने की तैयारी में Milky Mist, अक्टूबर तक आ सकता है IPO; प्रीमियम डेयरी सेगमेंट पर नजर
तमिलनाडु की डेयरी कंपनी Milky Mist बाजार की अस्थिरता के बावजूद इस साल अपना IPO लाने की तैयारी में है. कंपनी हेल्थ-फोकस्ड और हाई-प्रोटीन प्रोडक्ट्स, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बढ़ते क्विक-कॉमर्स चैनलों के दम पर तेज ग्रोथ की उम्मीद कर रही है, जबकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात बढ़ने की संभावना भी जताई गई है,
Milky Mist IPO: तमिलनाडु की डेयरी प्रोडक्ट कंपनी Milky Mist इस साल अपने प्रस्तावित IPO को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ हो. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. रथनम के अनुसार, कंपनी को भरोसा है कि वह आने वाले वर्षों में भी लगभग 30 फीसदी वार्षिक राजस्व वृद्धि बनाए रखेगी. सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI से अक्टूबर 2025 में लगभग 2035 करोड़ रुपये के IPO की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी लिस्टिंग की तैयारी में है और वह इस अनुमति की अवधि समाप्त होने से पहले, यानी अक्टूबर से पहले, बाजार में उतरना चाहती है.
कंपनी का बिजनेस और प्रोडक्ट्स
हालांकि इस साल टेक-सर्विस सेक्टर में गिरावट और कुछ नई लिस्टिंग के कमजोर प्रदर्शन ने निवेशकों के उत्साह को कम किया है, फिर भी मिल्की मिस्ट का मानना है कि कस्टमर सेंट्रिक प्रीमियम फूड प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग उसे अच्छी स्थिति में रखेगी. कंपनी विशेष रूप से हाई-प्रोटीन और हेल्थ-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स पर दांव लगा रही है. ग्रीक योगर्ट, प्रोटीन-से भरे पनीर और जल्द लॉन्च होने वाला हाई-प्रोटीन दूध जैसे उत्पाद तेजी से फिटनेस-सचेत और कामकाजी भारतीय आबादी में लोकप्रिय हो रहे हैं. रथनम का कहना है कि भारत में प्रोटीन की कमी एक बड़ी समस्या है, इसलिए प्रोटीन बेस्ड खाद्य पदार्थ आने वाले समय में डेयरी इंडस्ट्री की वृद्धि का प्रमुख आधार बनेंगे.
कंपनी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
मिल्की मिस्ट घरेलू बाजार में पहले से ही मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बना चुकी है. मार्च 2025 तक उसके प्रोडक्ट 3.5 लाख से ज्यादा रिटेल स्टोर्स में उपलब्ध थे, और कंपनी हर साल अपने आउटलेट कवरेज में 15 फीसदी से 20 फीसदी की वृद्धि करने का लक्ष्य रखती है. साथ ही, क्विक-कॉमर्स और इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म से मिलने वाला रेवेन्यू भी लगातार बढ़ रहा है. वर्तमान में कंपनी की कुल इनकम का लगभग दसवां हिस्सा इन ऐप्स से आता है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 12 फीसदी से 15 फीसदी तक ले जाने की योजना है.
भारत-अमेरिका डील से भी कंपनी को होगा फायदा!
कंपटीशन के मोर्चे पर कंपनी का मुकाबला हत्सुन एग्रो और हेरिटेज फूड्स जैसी कंपनियों से है, लेकिन मिल्की मिस्ट अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो और नवाचार पर भरोसा कर रही है. इंटरनेशनल मार्केट में भी कंपनी विस्तार की योजना बना रही है. वित्त वर्ष 2025 में निर्यात से लगभग 4 फीसदी रेवेन्यू मिला था, जिसे बढ़ाने के लिए विशेष रूप से अमेरिका पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. कंपनी का अनुमान है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लागू होने के बाद अगले एक-दो वर्षों में अमेरिकी बाजार से बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है.
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