क्या हैं Arbitrage Funds, कैसे कमाते हैं पैसा और किन निवेशकों के लिए हैं सही, जानें डिटेल

Arbitrage Funds कम रिस्क वाले हाइब्रिड म्यूचुअल फंड होते हैं, जो कैश और फ्यूचर मार्केट में कीमत के अंतर से मुनाफा कमाते हैं. इनमें निवेश का एक बड़ा हिस्सा इक्विटी में लगाया जाता है, जिससे इन्हें इक्विटी टैक्स का फायदा मिलता है. ये फंड बाजार के उतार चढ़ाव से कम प्रभावित होते हैं और छोटे समय के लिए बेहतर माने जाते हैं.

Arbitrage Funds कम रिस्क वाले हाइब्रिड म्यूचुअल फंड होते हैं Image Credit: money9live

Arbitrage Funds: अगर आप कम रिस्क के साथ मुनाफा कमाने का तरीका खोज रहे हैं तो Arbitrage Funds आपके लिए एक विकल्प हो सकते हैं. ये फंड शेयर बाजार में कीमत के अंतर का फायदा उठाकर कमाई करते हैं. इसमें एक ही शेयर को अलग-अलग बाजार में खरीद और बेचकर फायदा लिया जाता है. ऐसे फंड को कम रिस्क वाला माना जाता है क्योंकि इसमें रिस्क को काफी हद तक कवर किया जाता है. हालांकि इसमें भी पूरी तरह गारंटी नहीं होती. निवेश करने से पहले इसकी पूरी समझ होना जरूरी है.

Arbitrage Funds क्या होते हैं

Arbitrage Funds एक तरह के हाइब्रिड म्यूचुअल फंड होते हैं. ये फंड कैश और फ्यूचर मार्केट में एक ही शेयर की कीमत के अंतर से मुनाफा कमाते हैं. नियम के अनुसार इन्हें कम से कम 65 फीसदी पैसा इक्विटी में लगाना होता है. इसके अलावा ये फंड डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में भी निवेश करते हैं. इसी वजह से इनका रिस्क अन्य इक्विटी फंड के मुकाबले कम माना जाता है.

कैसे काम करते हैं ये फंड

मान लीजिए किसी शेयर की कीमत कैश मार्केट में 500 रुपये है और फ्यूचर मार्केट में 510 रुपये है. ऐसे में फंड मैनेजर कैश मार्केट में शेयर खरीदता है और फ्यूचर मार्केट में उसे बेच देता है. इससे प्रति शेयर 10 रुपये का अंतर लॉक हो जाता है. चाहे बाजार ऊपर जाए या नीचे, यह अंतर बना रहता है. इसी तरीके से ये फंड लगातार छोटे छोटे मुनाफे कमाते हैं.

टैक्स और रिटर्न से जुड़ी जरूरी बातें

Arbitrage Funds को इक्विटी फंड की तरह टैक्स किया जाता है. 12 महीने से पहले बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर 20 फीसदी टैक्स लगता है. वहीं 12 महीने से ज्यादा रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी टैक्स लगता है. यह टैक्स 1.25 लाख रुपये से ज्यादा के मुनाफे पर लागू होता है. रिटर्न आमतौर पर स्थिर होते हैं लेकिन बहुत ज्यादा नहीं होते.

किन निवेशकों के लिए सही

अगर आपका निवेश समय 3 से 6 महीने का है तो ये फंड आपके लिए सही हो सकते हैं. जो लोग कम रिस्क के साथ स्थिर रिटर्न चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा विकल्प है. इसमें एकमुश्त निवेश करना बेहतर माना जाता है. SIP की तुलना में लंपसम निवेश से बेहतर फायदा मिल सकता है. यह उन निवेशकों के लिए सही है जो बाजार के उतार चढ़ाव से बचना चाहते हैं.

ये भी पढ़ें – एनर्जी सेक्टर में लौट रही रौनक, ये 5 फंड बन सकते हैं गेमचेंजर; निवेशक रखें नजर

निवेश से पहले क्या ध्यान रखें

इन फंड में निवेश से पहले स्कीम का पूरा दस्तावेज जरूर पढ़ें. इसमें निवेश की रणनीति, रिस्क और फीस की जानकारी होती है. साथ ही यह भी समझें कि फंड में इक्विटी और डेट का कितना हिस्सा है. इससे आप तय कर पाएंगे कि यह आपके लक्ष्य के अनुसार सही है या नहीं. हर म्यूचुअल फंड की तरह इसमें भी मैनेजमेंट फीस लगती है.

क्या इसमें कोई रिस्क नहीं है

हालांकि Arbitrage Funds को कम रिस्क वाला माना जाता है लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते. फंड का डेट हिस्सा क्रेडिट रिस्क से प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा अगर बाजार में सही अवसर नहीं मिलते तो रिटर्न कम हो सकते हैं. इसलिए निवेश करने से पहले अपने रिस्क और जरूरत को समझना जरूरी है.