इनकम टैक्स में परिवार के नाम पर कैसे बचाएं टैक्स? माता-पिता, पत्नी और बच्चों के लिए ये सेक्शन हैं काम के
इनकम टैक्स कानून सिर्फ आपकी कमाई पर ही नहीं, बल्कि परिवार के सदस्यों के नाम पर किए गए खर्च और निवेश पर भी टैक्स बचाने का मौका देता है. Old Tax Regime में माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस, बच्चों की पढ़ाई, जीवनसाथी के निवेश और मेडिकल खर्च जैसे मामलों में कई अहम सेक्शन के तहत छूट मिल सकती है.
Income Tax Deduction: इनकम टैक्स कानून आपको कई तरह की छूट (deductions/exemptions) देता है, ताकि आप अपनी कमाई का कुछ हिस्सा बचत, बीमा, इलाज, पढ़ाई और यात्रा जैसे जरूरी खर्चों में लगाएं और उसी आधार पर टैक्स कम कर सकें. आम तौर पर ये लाभ खुद पर किए गए खर्च या निवेश पर मिलते हैं, लेकिन कुछ सेक्शन्स ऐसे हैं जिनमें आप अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर किए गए खर्च/निवेश पर भी टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं. ध्यान रहे, ये ज्यादातर फायदे Old Tax Regime चुनने पर ही मिलते हैं- नई टैक्स व्यवस्था में कई कटौतियां उपलब्ध नहीं होतीं.
माता-पिता के नाम पर टैक्स बचत का मौका
माता-पिता के नाम पर टैक्स बचत के सबसे मजबूत विकल्प Section 80D और मेडिकल खर्च से जुड़े प्रावधान हैं. अगर आप अपने माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरते हैं तो आप कटौती ले सकते हैं- माता-पिता का आप पर आर्थिक रूप से निर्भर होना जरूरी नहीं है. सामान्य स्थिति में माता-पिता के लिए 25,000 रुपये तक की छूट मिलती है, और अगर माता-पिता सीनियर सिटीजन (60+) हैं तो यह सीमा 50,000 रुपये तक हो जाती है.
इसी कुल सीमा के भीतर आप 5,000 रुपये तक के हेल्थ चेकअप का खर्च भी क्लेम कर सकते हैं. इसके अलावा, अगर माता-पिता सीनियर सिटीजन हैं और उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस मिलना/लेना मुश्किल है, तो कानून आपको उनके इलाज पर किए गए खर्च (दवाइयों, डॉक्टर की फीस, नियमित ट्रीटमेंट समेत) पर भी 50,000 रुपये तक की कटौती का विकल्प देता है, बशर्ते उनके पास हेल्थ पॉलिसी न हो.
यहां नहीं मिलेगी कोई छूट
माता-पिता के मामले में एक जरूरी बात यह है कि आप उनके नाम की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम देकर टैक्स छूट नहीं ले सकते, भले ही वे आप पर निर्भर हों. यानी, हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल खर्च पर छूट के विकल्प तो हैं, लेकिन माता-पिता के जीवन बीमा प्रीमियम पर 80C जैसी कटौती का फायदा आम तौर पर नहीं मिलता.
वहीं अगर माता-पिता में से कोई निर्भर हैं और किसी निर्धारित विकलांगता से पीड़ित हैं, तो Section 80DD के तहत इलाज/देखभाल या उनके लिए मेंटेनेंस से जुड़ी पॉलिसी पर टैक्स कटौती मिल सकती है- यह छूट 75,000 रुपये तक और गंभीर विकलांगता के मामलों में 1,25,000 रुपये तक जा सकती है. इसके साथ ही कुछ “निर्दिष्ट गंभीर बीमारियों” के इलाज पर Section 80DDB में भी कटौती का प्रावधान है- सामान्य मामलों में 40,000 रुपये तक और अगर मरीज सीनियर सिटीजन है तो यह सीमा 1,00,000 रुपये तक हो सकती है (शर्तें/प्रमाणपत्र आदि लागू होते हैं).
भाई-बहनों के लिए मिलने वाले टैक्स बेनिफिट
परिवार के दूसरे सदस्यों की बात करें तो भाई-बहन के लिए टैक्स लाभ सीमित हैं और अक्सर “निर्भरता” शर्त बन जाती है. उदाहरण के तौर पर, LTA (Leave Travel Assistance) का टैक्स फायदा आप अपने साथ भारत में यात्रा करने वाले कुछ निर्भर परिवारजनों पर खर्च दिखाकर ले सकते हैं. इसी तरह, 80DD और 80DDB की कटौती भी कुछ स्थितियों में भाई-बहन पर लागू हो सकती है, अगर वे नियमों के अनुसार निर्भर हों और संबंधित मेडिकल शर्तें पूरी हों.
लेकिन यहां एक बड़ी सीमा यह है कि भाई-बहनों के लिए 80C में स्कूल फीस/इंश्योरेंस जैसी कटौती हर स्थिति में नहीं मिलती, और Section 80E (एजुकेशन लोन के ब्याज पर छूट) भी आम तौर पर भाई-बहन के लिए उपलब्ध नहीं मानी जाती. इसलिए भाई-बहन के नाम पर टैक्स प्लानिंग करते वक्त सावधानी से सेक्शन की पात्रता देखना जरूरी है.
जीवनसाथी के नाम पर टैक्स प्लानिंग
जीवनसाथी के साथ टैक्स प्लानिंग अपेक्षाकृत ज्यादा आसान और व्यापक है. आप अपने पति/पत्नी के साथ भारत के अंदर यात्रा पर खर्च कर LTA का फायदा ले सकते हैं, भले ही spouse आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों. यदि दोनों को नौकरी से LTA मिलता है, तो कई परिवार इसे “अलग-अलग वर्षों” में क्लेम करके छुट्टियों का फायदा बेहतर तरीके से उपयोग करते हैं.
हेल्थ इंश्योरेंस की बात करें तो 80D के तहत “स्वयं + spouse + बच्चों” के लिए प्रीमियम पर ₹25,000 तक की कटौती मिलती है (सीनियर सिटीजन होने पर सीमा बदलती है, शर्तें लागू होती हैं). साथ ही 80C के तहत spouse के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और spouse के PPF में निवेश जैसी चीजों पर भी टैक्स बचत की संभावना बनती है. उच्च शिक्षा के लिए लिए गए एजुकेशन लोन पर ब्याज की कटौती Section 80E में spouse के लिए भी उपलब्ध मानी जाती है, जिससे बड़े शिक्षा खर्च में टैक्स राहत मिल सकती है.
बच्चों के नाम पर टैक्स छूट
बच्चों के मामले में टैक्स कानून कई रास्ते देता है. आप बच्चों के नाम पर ली गई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम देकर 80C के तहत कटौती ले सकते हैं- यह जरूरी नहीं कि बच्चा आर्थिक रूप से आप पर निर्भर हो. बच्चों की स्कूल फीस पर भी 80C के तहत छूट का प्रावधान होता है (नियमों के अनुसार), और उच्च शिक्षा के लिए लिए गए एजुकेशन लोन के ब्याज पर 80E में कटौती मिल सकती है. बच्चों के नाम पर PPF में किया गया योगदान भी (नियमों के अनुसार) टैक्स प्लानिंग में काम आता है. हालांकि, बच्चों के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 80D की छूट आम तौर पर तभी क्लेम की जाती है जब बच्चे वित्तीय रूप से निर्भर हों- इसलिए यहां “dependence” की शर्त पर ध्यान देना जरूरी है.
ध्यान रहे कि
अंत में, यह भी समझना जरूरी है कि कुछ टैक्स सेविंग प्रोडक्ट्स का लाभ सीधे-सीधे “टैक्सपेयर” तक सीमित होता है. जैसे NSC या ELSS जैसी स्कीमों में टैक्स लाभ सामान्य तौर पर निवेशक के अपने नाम से जुड़े होते हैं; परिवार के दूसरे सदस्य के नाम पर निवेश करके “आप” हर बार वही बेनिफिट नहीं ले पाएंगे. इसलिए फैमिली-बेस्ड टैक्स प्लानिंग करते समय सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि कटौती किसके नाम पर और किस सेक्शन के तहत मान्य है.
लेखक एक टैक्स और इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट हैं. यहां व्यक्त विचार उनके निजी हैं. आप उन्हें jainbalwant@gmail.com पर या ट्विटर हैंडल @jainbalwant पर संपर्क कर सकते हैं.
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