PM Vishwakarma Yojana: सरकार दे रही 3 लाख तक का लोन, जानें किसे मिलता है लाभ, इन दस्तावेज का होना जरूरी

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के कारीगरों और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है. इस योजना के तहत आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं. योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों का होना जरूरी है, जिनके आधार पर पात्र लाभार्थी आसानी से आवेदन कर सकते हैं.

PM Vishwakarma Image Credit: AI

PM Vishwakarma: पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो कारीगरों और शिल्पकारों (जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, मूर्तिकार आदि) के लिए शुरू की गई है. यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है और इसका उद्देश्य इन पारंपरिक कारीगरों को हर तरह की मदद प्रदान करना है. इसमें उन्हें विश्वकर्मा के रूप में मान्यता दी जाती है, ताकि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें. योजना की शुरुआत पहले पांच सालों के लिए की गई है.

कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है ताकि उनके कौशल निखरे. धुनिक टूल्स और मशीनें उपलब्ध कराई जाती हैं जिससे उनका काम बेहतर और तेज हो, बिना गारंटी के सस्ता लोन (ब्याज सब्सिडी के साथ) मिलता है, डिजिटल पेमेंट पर इनाम दिए जाते हैं. उनके प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग व मार्केटिंग में मदद की जाती है. कि वे नए बाजारों तक पहुंच सकें. इससे कारीगरों की आय बढ़ेगी और उनका जीवन आसान बनेगा.

पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ

कारीगरों को विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और आईडी कार्ड दिया जाता है, जिससे वे योजना के सभी लाभ ले सकते हैं.

कौशल प्रशिक्षण

  • पहले 5-7 दिनों का बेसिक ट्रेनिंग (40 घंटे).
  • इच्छुक कारीगर 15 दिनों का एडवांस्ड ट्रेनिंग (120 घंटे) भी ले सकते हैं.
  • ट्रेनिंग के दौरान रोज ₹500 स्टाइपेंड (भत्ता) मिलता है.

टूलकिट प्रोत्साहन

  • ₹15,000 तक का अनुदान आधुनिक टूल्स खरीदने के लिए.

क्रेडिट सपोर्ट

  • बिना गारंटी के ₹1 लाख तक का पहला लोन (18 महीने में चुकाना) और फिर ₹2 लाख तक का दूसरा लोन (30 महीने में चुकाना).
  • केवल 5% ब्याज खुद देना पड़ता है, बाकी 8% तक की ब्याज सब्सिडी सरकार देती है.
  • क्रेडिट गारंटी शुल्क सरकार वहन करती है.

डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन

  • हर डिजिटल ट्रांजेक्शन पर ₹1 का इनाम, अधिकतम 100 ट्रांजेक्शन प्रति महीना.

मार्केटिंग सपोर्ट

  • नेशनल कमिटी फॉर मार्केटिंग (NCM) द्वारा ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स लिंकेज, ट्रेड फेयर, विज्ञापन, पब्लिसिटी और अन्य मार्केटिंग गतिविधियों में मदद.

कौन ले सकते हैं इसका लाभ?

पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ उन कारीगरों और शिल्पकारों को मिलेगा जो हाथ से काम करते हैं और पारंपरिक औजारों का इस्तेमाल करते हैं. इसके लिए आवेदक को किसी एक संगठित क्षेत्र (organized sector) में नौकरी नहीं होनी चाहिए और वह योजना में शामिल 18 पारंपरिक शिल्पों (जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार आदि) में से किसी एक में काम करना चाहिए. रजिस्ट्रेशन के समय आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और वह उसी शिल्प में काम कर रहा हो. परिवार के केवल एक सदस्य को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है.

साथ ही, अगर राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य समान क्रेडिट आधारित योजना (जैसे PMEGP, PM SVANidhi, मुद्रा) से पिछले 5 साल में लोन लिया है, तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. सरकारी नौकरी करने वाले या उनके परिवार के सदस्य भी पात्र नहीं हैं. कुल मिलाकर, यह योजना गरीब और पारंपरिक कारीगरों को मजबूत बनाने के लिए है.

इन दस्तावेज का होना है जरूरी

पीएम विश्वकर्मा योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बहुत कम और सरल दस्तावेजों की जरूरत होती है. आवेदक के पास निम्नलिखित चीजें होना जरूरी हैं:

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाते का विवरण (बैंक डिटेल्स)
  • राशन कार्ड (रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य)

अगर किसी लाभार्थी के पास राशन कार्ड नहीं है, तो उसे अपने परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड दिखाने होंगे. वहीं, यदि लाभार्थी का बैंक खाता नहीं है, तो पहले उसे सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से बैंक खाता खुलवाना होगा, उसके बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस तरह योजना ने आवेदन को बहुत आसान बना दिया है, ताकि हर पात्र कारीगर बिना परेशानी के इसका लाभ ले सके.