बैंक का लोन ऑफर कॉल, राहत या महंगा जाल; इंस्टेंट लोन सुनकर न हों खुश, हां कहने से पहले करें ये काम
पर्सनल और ऑटो लोन के कॉल आज आम हो चुके हैं. कम ब्याज और तुरंत पैसा मिलने का वादा लोगों को आकर्षित करता है. लेकिन प्री अप्रूव्ड कहे जाने वाले ये लोन अक्सर महंगे साबित होते हैं. बिना तुलना और पूरी जानकारी के लिया गया लोन आगे चलकर वित्तीय दबाव बढ़ा सकता है.
Personal Loan Calls: अगर आपके पास मोबाइल फोन और बैंक अकाउंट है तो पर्सनल लोन और ऑटो लोन के कॉल आना तय है. कॉल पर कहा जाता है कि आप खास ऑफर के लिए योग्य हैं. कम ब्याज दर, तुरंत पैसा और कम कागजी काम का वादा किया जाता है. जरूरत के समय ये कॉल राहत जैसे लगते हैं. लेकिन कई बार यही आसान दिखने वाला लोन आगे चलकर भारी बोझ बन जाता है. इसलिए ऐसे ऑफर को समझदारी से देखना जरूरी है.
क्यों बार- बार आते हैं लोन के कॉल
बैंक और NBFC अपने रिटेल लोन को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं. पर्सनल और ऑटो लोन उन्हें अच्छा मुनाफा देते हैं. कॉल और मैसेज सस्ता तरीका है ज्यादा लोगों तक पहुंचने का. हर कॉल फर्जी नहीं होता. लेकिन लोन आपकी जरूरत देखकर नहीं बल्कि बेचने के मकसद से ऑफर किया जाता है. इसी में असली खतरा छिपा है.
प्री अप्रूव्ड का मतलब सस्ता लोन नहीं
कॉल पर प्री अप्रूव्ड शब्द भरोसा पैदा करता है. लगता है कि बैंक ने सब जांच लिया है. हकीकत में इसका मतलब सिर्फ यह होता है कि आप बेसिक योग्यता पूरी करते हैं. असली ब्याज दर, फीस और शर्तें बाद में सामने आती हैं. कई बार प्रोसेसिंग फीस और बीमा जोड़कर लोन महंगा हो जाता है.
आसान पैसा कैसे बनता है महंगा
पर्सनल लोन बिना गारंटी के होता है इसलिए इसकी ब्याज दर ज्यादा होती है. फोन पर जो दर ठीक लगती है वह दूसरे विकल्पों से ज्यादा हो सकती है. ऑटो लोन में भी लंबी अवधि कम EMI दिखाती है लेकिन कुल ब्याज बढ़ जाता है. असली समस्या लोन लेने में नहीं बल्कि तुलना किए बिना लेने में है.
कैसे गलत हो जाता है फैसला
बीमारी, नौकरी का दबाव या पैसों की तंगी में इंसान जल्दी फैसला करता है. ऐसे समय ये कॉल ज्यादा असर डालते हैं. लोग कागज ठीक से नहीं पढ़ते और शर्तें नजरअंदाज कर देते हैं. बाद में EMI बोझ बन जाती है. यही वजह है कि सावधानी सबसे जरूरी होती है.
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इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
अगर कॉल करने वाला तुरंत फैसला करने को कहे तो सतर्क हो जाएं. ईमेल में डिटेल देने से मना करें या पहले फीस मांगे तो साफ मना करें. OTP, पैन या बैंक डिटेल फोन पर कभी न दें. सही लोन में जल्दी की जरूरत नहीं होती.
हां कहने से पहले क्या करें
किसी भी ऑफर पर हां कहने से पहले रुकें. कम से कम दो दूसरे बैंक की दरें देखें. कुल चुकाने वाली रकम पूछें. यह भी समझें कि लोन आपकी समस्या हल कर रहा है या सिर्फ टाल रहा है. सही फैसला वही है जिसमें कंट्रोल आपके हाथ में हो.
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