35000 करोड़ रुपये से यूपी में बनेंगे नए शहर, लिस्ट में लखनऊ, आगरा भी शामिल, EWS और LIG परिवारों को होगा फायदा
यूपी बजट 2026-27 में राज्य सरकार ने लखनऊ, आगरा, मेरठ और बुलंदशहर में नई हाउसिंग स्कीम शुरू करने की घोषणा की है. 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट में 3500 करोड़ रुपये शहरी विस्तार और नई सिटी डेवलपमेंट के लिए रखे गए हैं. इन योजनाओं का मकसद प्लान्ड अर्बनाइजेशन, सस्ती आवास सुविधा और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा देना है.
UP Budget 2026: यूपी बजट 2026-27 में शहरी विकास और हाउसिंग सेक्टर को बड़ी प्राथमिकता दी गई है. करीब 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट में नई हाउसिंग स्कीम का एलान किया गया है. सरकार का फोकस लखनऊ, आगरा, मेरठ और बुलंदशहर जैसे शहरों पर है. कई शहरों में दशकों बाद सरकारी हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहे हैं. इसका मकसद स्टेपवाइज तरीके से नए शहर बसाना और भीड़भाड़ कम करना है. इससे मिडिल क्लास और लोअर इनकम क्लास को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
क्या है नई अर्बन एक्सपेंशन योजना
इस योजना का नाम मुख्यमंत्री अर्बन एक्सपेंशन और न्यू सिटी प्रमोशन स्कीम है. इसका मकसद पुराने शहरों पर दबाव कम करना और नए ग्रोथ हब विकसित करना है. सरकार ने इस योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये अलग रखे हैं. यह रकम बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज का हिस्सा है. योजना के तहत आधुनिक टाउनशिप बनाई जाएंगी जिनमें स्कूल हेल्थ सेंटर और अन्य सुविधाएं होंगी.
लखनऊ और आगरा में वापसी
आगरा में करीब 33 साल बाद नई सरकारी हाउसिंग स्कीम शुरू होने जा रही है. लखनऊ में भी 22 साल बाद नए प्रोजेक्ट आने वाले हैं. मेरठ में 35 साल बाद बड़ा हाउसिंग कदम उठाया गया है. बुलंदशहर को पहली बार संगठित सरकारी हाउसिंग योजना मिलेगी. इससे इन शहरों के रियल एस्टेट बाजार में नई हलचल आने की संभावना है.
किन लोगों को मिलेगा फायदा
नई स्कीम में रिहायशी प्लाट और सस्ते फ्लैट दोनों शामिल होंगे. EWS और LIG क्लास के साथ मिडिल इनकम क्लास को भी ध्यान में रखा गया है. स्थानीय विकास प्राधिकरण जमीन चिन्हित कर रहे हैं. जमीन अधिग्रहण और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में शुरू हो सकती है. इससे घर खरीदने वालों को नए विकल्प मिलेंगे.
रियल एस्टेट बाजार पर असर
सरकारी हाउसिंग स्कीम से बाजार में सप्लाई बढ़ेगी. इससे प्राइवेट बिल्डरों की ऊंची कीमतों पर दबाव पड़ सकता है. मेट्रो और इंडस्ट्रीयल प्रोजेक्टर से जुड़े इलाकों में जमीन की कीमतें बढ़ सकती हैं. मेरठ और बुलंदशहर जैसे शहर निवेश के नए केंद्र बन सकते हैं. इससे टियर टू और टियर थ्री शहरों को भी बढ़ावा मिलेगा.
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MSME और निवेशकों को फायदा
हाउसिंग प्रोजेक्ट से सीमेंट ईंट और अन्य कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट की मांग बढ़ेगी. इससे स्थानीय MSME को काम मिलेगा. पैन आधारित ट्रांजेक्शन सिस्टम से ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा. NRI और लंबे समय के निवेशक भी यूपी के रियल एस्टेट में दिलचस्पी दिखा सकते हैं. यूपी बजट 2026 की यह हाउसिंग पहल राज्य के शहरी विकास की दिशा बदलने वाली साबित हो सकती है.
