न IT, न टेलीकॉम… यह पावर कंपनी बन रही है डेटा सेंटर की किंग, कर्ज जीरो, कैश ₹2600 करोड़ और ₹9957 करोड़ का ऑर्डर बुक
Techno Electric पहली नजर में डेटा सेंटर कंपनी नहीं लगती. लेकिन पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत फाइनेंशियल्स और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने का अनुभव इसे इस सेक्टर में एक अलग बढ़त देता है. डेटा सेंटर की रेस में यह कंपनी जल्दी उतर चुकी है, न कि देर से. यही बात इसे निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है.
Techno Electric: भारत में क्लाउड, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके साथ ही देश में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी कई गुना हो गई है. अब इस दौड़ में एक ऐसा नाम उभर रहा है, जिसे अब तक ज्यादातर लोग पावर सेक्टर से जोड़ते थे. बात हो रही है Techno Electric & Engineering Company Ltd की.
यह कंपनी अगले कुछ सालों में डेटा सेंटर बिजनेस में करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग ₹8,000 करोड़ तक निवेश करने की तैयारी में है. खास बात यह है कि कंपनी पहले ही अपने कुछ डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स शुरू कर चुकी है. मजबूत बैलेंस शीट, लगभग कर्ज-मुक्त स्थिति और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का दशकों का अनुभव इसे दूसरे नए खिलाड़ियों से अलग बनाता है. सवाल यह है कि क्या यह स्मॉल-कैप कंपनी डेटा सेंटर बूम का सबसे छुपा हुआ मौका साबित हो सकती है.
पिछले 60 सालों से बड़े प्रोजेक्ट्स पर कर रही काम
Techno Electric & Engineering Company की शुरुआत 1963 में हुई थी और इसका मुख्यालय कोलकाता में है. कंपनी पिछले 60 सालों से पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. यह कंपनी EPC यानी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण के साथ-साथ ऑपरेशन और मेंटेनेंस सेवाएं भी देती है. कंपनी का बैलेंस शीट लगभग कर्ज़ मुक्त है और इसकी क्रेडिट रेटिंग AA स्टेबल है. अब तक यह 450 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है और 550 से अधिक प्रोफेशनल्स इसके साथ काम कर रहे हैं.
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का सबसे बड़ा और मुख्य बिजनेस है. Techno Electric हाई-वोल्टेज सबस्टेशन, GIS और AIS सिस्टम्स और STATCOM जैसे जटिल प्रोजेक्ट्स में मजबूत पकड़ रखती है. यही अनुभव अब डेटा सेंटर जैसे पावर-हेवी सेक्टर में इसके काम आ रहा है. कंपनी ने 2019 में FGD सेगमेंट में कदम रखा. इसका मकसद कोयला आधारित पावर प्लांट्स से निकलने वाले प्रदूषण को कम करना है. हालांकि इस सेगमेंट में अभी नए टेंडर कम आ रहे हैं, लेकिन मौजूदा प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे किए जा रहे हैं.
स्मार्ट मीटरिंग में मौजूदगी
Techno Electric स्मार्ट मीटरिंग यानी Advanced Metering Infrastructure में भी सक्रिय है. जम्मू-कश्मीर में करीब 1.27 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का बड़ा प्रोजेक्ट कंपनी पहले ही पूरा कर चुकी है. यह सेगमेंट कंपनी के ऑर्डर बुक का अहम हिस्सा बना हुआ है. कंपनी ने 2021 में डेटा सेंटर सेक्टर में एंट्री ली. चेन्नई में इसका पहला बड़ा डेटा सेंटर अगस्त 2025 में शुरू हुआ.
गुरुग्राम में RailTel के साथ मिलकर बनाया गया एज डेटा सेंटर भी ऑपरेशनल हो चुका है. कंपनी का लक्ष्य FY2030 तक करीब 250 मेगावाट की डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का है. इसके लिए कुल निवेश करीब 1 अरब डॉलर तक जा सकता है. आने वाले समय में मुंबई, नोएडा और कोलकाता में भी नए डेटा सेंटर शुरू होने वाले हैं.
ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल स्थिति
सितंबर 2025 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक करीब ₹9,957 करोड़ का था. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स का है. कंपनी के बड़े क्लाइंट्स में Power Grid, Adani Energy और राज्य बिजली बोर्ड शामिल हैं. सितंबर 2025 तक कंपनी के पास करीब ₹2,600 करोड़ की नकदी और लिक्विड निवेश मौजूद थे. यह इसकी वित्तीय मजबूती को दिखाता है.
मैनेजमेंट का कहना है कि FY26 में कंपनी ₹3,500 करोड़ के रेवेन्यू टारगेट की दिशा में आगे बढ़ रही है. डेटा सेंटर बिजनेस से FY27 में करीब ₹125 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है. खास बात यह है कि फिलहाल EPS गाइडेंस में डेटा सेंटर की कमाई को शामिल नहीं किया गया है.
डेटा सोर्स: TB, NSE
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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