Cochin Shipyard के हाथ लगा 5000 करोड़ का मेगा ऑर्डर, नौसेना के लिए बनाएगी NGSV, शेयर पर रखें नजर
डिफेंस कंपनी Cochin Shipyard Ltd को रक्षा मंत्रालय के 5,000 करोड़ रुपये के टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाला घोषित किया गया है. इसके तहत 5 NGSV बनाए जाएंगे. इस ऑर्डर के हाथ लगने से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होने की उम्मीद है. हालांकि Q3 FY26 में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, लेकिन लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न देने वाले इस रक्षा PSU के शेयर पर अब निवेशकों की नजर बनी हुई है.
Defence Stock: सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd के हाथ एक बड़ी कामयाबी मिली है. इसे रक्षा मंत्रालय से जारी टेंडर में सबसे कम में बोली लगाने वाला घोषित किया गया. इसके तहत कंपनी को 5 नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे वेसल यानी NGSV बनाने के लिए ठेका दिया जाएगा. इस ऑर्डर की अनुमानित कुल वैल्यू करीब 5,000 करोड़ रुपये बताई गई है.
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि रक्षा मंत्रालय से उसे भारतीय नौसेना के लिए 5 NGSV बनाने के टेंडर में L1 घोषित किया गया. हालांकि अंतिम कॉन्ट्रैक्ट जरूरी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही जारी की जाएगी.
Q3 FY26 में मिला-जुला प्रदर्शन
- तीसरी तिमाही FY26 में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 18.3% घटकर 145 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 177 करोड़ रुपये था.
- वहीं ऑपरेशंस से राजस्व 17.7% बढ़कर 1,350 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 1,148 करोड़ रुपये था.
- EBITDA 21.4% घटकर 187 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 20.7% से घटकर 13.8% पर आ गया.
- कंपनी ने 3.5 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है.
शेयर का हाल
NSE पर Cochin Shipyard का शेयर 0.23% गिरकर 1,469.40 रुपये पर बंद हुआ, जबकि उसी दिन Nifty 50 में 0.83% की बढ़त रही. पिछले 12 महीनों में शेयर करीब 20% चढ़ा है, लेकिन कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक करीब 9.3% गिर चुका है. इसके लॉन्ग टर्म रिटर्न पर नजर डालें तो इसने 3 साल में 486 पर्सेंट और 5 साल में 708 पर्सेंट का रिटर्न दिया है.
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कंपनी का कामकाज
Cochin Shipyard Ltd भारत की प्रमुख सरकारी शिपबिल्डिंग और शिप रिपेयर कंपनी है. यह जहाजों के निर्माण, मरम्मत और मेंटेनेंस का काम करती है. भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर, सर्वे वेसल और अन्य रक्षा पोत बनाती है. यह ऑयल टैंकर, बल्क कैरियर, पैसेंजर शिप और ऑफशोर सपोर्ट वेसल जैसे बड़े जहाजों का निर्माण करती है. देश और विदेश के जहाजों की मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम भी करती है. यह कंपनी रक्षा मंत्रालय के अधीन एक मिनीरत्न PSU है, जो भारत के समुद्री रक्षा एवं शिपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में अहम भूमिका निभाती है.
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