1-2 नहीं… 4.5 साल में FIIs को निफ्टी से जीरो रिटर्न, 2026 में अब तक ₹1.6 लाख करोड़ की बिकवाली
पिछले साढ़े चार साल से विदेशी निवेशकों यानी FIIs को भारतीय बाजार से कोई खास रिटर्न नहीं मिला है. युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये की कमजोरी ने हालात को और मुश्किल बना दिया है. कई ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स ने भारत के बाजार को लेकर अपने अनुमान भी घटा दिए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या विदेशी निवेशक फिर से भारत की ओर रुख करेंगे या दूरी बनाए रखेंगे.
FIIs did not receive returns from the Nifty: भारतीय शेयर बाजार कभी विदेशी निवेशकों का पसंदीदा रहा है, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है. पिछले साढ़े चार साल से विदेशी निवेशकों यानी FIIs को भारतीय बाजार से कोई खास रिटर्न नहीं मिला है. युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये की कमजोरी ने हालात को और मुश्किल बना दिया है.
साल 2026 में तो रिकॉर्ड स्तर पर बिकवाली देखने को मिली है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया है. कई ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स ने भारत के बाजार को लेकर अपने अनुमान भी घटा दिए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या विदेशी निवेशक फिर से भारत की ओर रुख करेंगे या दूरी बनाए रखेंगे.
4.5 साल में नहीं मिला रिटर्न
विदेशी निवेशकों को सितंबर 2021 के बाद से भारतीय बाजार में डॉलर के हिसाब से कोई खास रिटर्न नहीं मिला है. निफ्टी इंडेक्स लगभग वहीं पर आ गया है जहां वह चार साल पहले था. साल 2026 में FIIs अब तक करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं. सिर्फ मार्च महीने में ही 1.2 लाख करोड़ रुपये की भारी बिकवाली हुई, जो अब तक की सबसे बड़ी है.

रुपये की कमजोरी बना बड़ा कारण
रुपया भी विदेशी निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है. हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 95.30 तक गिर गया था. हालांकि RBI के हस्तक्षेप के बाद इसमें थोड़ी मजबूती आई है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है. साथ ही डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों को नुकसान हुआ है. कई ग्लोबल ब्रोकरेज जैसे BofA, Nomura और Goldman Sachs ने भारत के बाजार को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है और टारगेट भी घटाए हैं.
आगे क्या होगा
विदेशी निवेशकों की वापसी काफी हद तक ग्लोबल हालात पर निर्भर करेगी. अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है, तेल की कीमतें गिरती हैं और रुपया स्थिर होता है, तो बाजार में फिर से विदेशी पैसा आ सकता है. अभी बाजार दबाव में जरूर है, लेकिन यही स्थिति भविष्य में निवेश के लिए मौका भी बन सकती है. अब देखना यह होगा कि विदेशी निवेशक कब और कैसे भारत की ओर वापसी करते हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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