अब AI से साइबर फ्रॉड, कोड बनाकर चुराते हैं निजी जानकारी और फिर ब्लैकमेल; ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एन्थ्रॉपिक ने बताया है कि हैकरों ने उसकी तकनीक का गलत इस्तेमाल किया है. हैकरों ने इस तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर साइबर हमले करने के लिए किया. इसमें लोगों की निजी जानकारी चुराना और ब्लैकमेल करना शामिल है. एन्थ्रॉपिक ने इन खतरनाक गतिविधियों को रोकने की कोशिश की और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी.

Cyber Crime through AI: हैकर्स के लिए AI एक हथियार बन चुका है. अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एन्थ्रॉपिक ने बताया है कि हैकरों ने उसकी तकनीक का गलत इस्तेमाल किया है. हैकरों ने इस तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर साइबर हमले करने के लिए किया. इसमें लोगों की निजी जानकारी चुराना और ब्लैकमेल करना शामिल है. एन्थ्रॉपिक की तकनीक को हैकरों ने कोड लिखने के लिए इस्तेमाल किया. इस कोड की मदद से साइबर हमले किए गए. इसके अलावा, उत्तर कोरिया के कुछ स्कैमरों ने क्लॉड का उपयोग करके अमेरिका की बड़ी कंपनियों में फर्जी रिमोट नौकरियां हासिल कीं.
एन्थ्रॉपिक ने अधिकारियों को दी इसकी जानकारी
एन्थ्रॉपिक ने इन खतरनाक गतिविधियों को रोकने की कोशिश की और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. आजकल AI का इस्तेमाल कोड लिखने के लिए बहुत बढ़ गया है, क्योंकि यह तकनीक अब ज्यादा सक्षम और आसानी से उपलब्ध है. कंपनी ने एक खास तरह के हैकिंग मामले का पता लगाया, जिसे “वाइब हैकिंग” कहा जाता है. इसमें हैकरों ने क्लॉड की मदद से कोड लिखा और कम से कम 17 संगठनों पर हमला किया.
हैकरों ने AI का इस्तेमाल करके यह तय किया कि कौन सी जानकारी चुरानी है और कैसे लोगों को डराने वाली धमकियां देनी हैं. इतना ही नहीं, एआई ने यह भी सुझाव दिया कि पीड़ितों से कितनी फिरौती मांगनी चाहिए. लेकिन ये उदाहरण दिखाते हैं कि ऐसी शक्तिशाली तकनीक साइबर अपराध के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है.
उत्तर कोरियाई स्कैमर और फर्जी नौकरियां
एन्थ्रॉपिक ने बताया कि उत्तर कोरिया के कुछ लोग उनकी तकनीक का उपयोग करके अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों में फर्जी प्रोफाइल बनाकर नौकरियां हासिल कर रहे थे. ये स्कैमर एआई की मदद से जॉब एप्लिकेशन लिखते थे. नौकरी मिलने के बाद, वे एआई का उपयोग मैसेज अनुवाद करने और कोड लिखने के लिए करते थे. उत्तर कोरिया के लोग आमतौर पर बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, इसलिए उनके लिए यह धोखाधड़ी करना मुश्किल होता है. लेकिन एआई ने उनकी इस मुश्किल को आसान कर दिया.
खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
- अनजान ईमेल या मैसेज पर क्लिक न करें. फिशिंग ईमेल पुराना लेकिन प्रभावी तरीका है, जिसका हैकर इस्तेमाल करते हैं.
- अपने अकाउंट्स के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाएं.
- अपने डिवाइस और सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें, ताकि हैकर कमजोरियों का फायदा न उठा सकें.
- अगर कोई मैसेज या जॉब ऑफर संदिग्ध लगे, तो उसकी जांच करें.
- अपने डिवाइस में अच्छा एंटीवायरस और साइबर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर डालें.
Latest Stories

Maruti Suzuki के शेयर लगाएंगे जोरदार छलांग, ई-विटारा भरेगी फ्यूल, जानें- प्राइस टारगेट

NSE Mock Trading: NSE 30 अगस्त को आयोजित करेगा मॉक ट्रेडिंग सेशन, जानें पूरी डिटेल

24 पैसे का शेयर ₹26 पार, मिला तगड़ा ऑर्डर, रोज चढ़ रहा भाव; क्लाइंट लिस्ट में एक से बढ़कर एक सूरमा !
