FIIs की बिकवाली के बीच HDFC Bank में किसने बढ़ाई हिस्सेदारी? 3% बढ़ा दांव, बदला शेयरहोल्डिंग पैटर्न
HDFC Bank में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटने के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी बढ़ाई है. बड़े ग्लोबल और घरेलू निवेशकों की एंट्री से बैंक के लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर भरोसा बना हुआ है. जानें कैसा है शेयरों का प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति.
HDFC Bank FIIs-DIIs: देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंकों में शामिल HDFC Bank एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है. वजह है शेयरहोल्डिंग पैटर्न में आया बड़ा बदलाव, जहां एक ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जोरदार खरीदारी करते हुए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. दिलचस्प बात यह है कि FIIs की लगातार बिकवाली के बावजूद बड़े घरेलू और वैश्विक निवेशकों का भरोसा इस बैंक पर कायम नजर आ रहा है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
मार्च 2026 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने HDFC Bank में अपनी हिस्सेदारी 3.62 फीसदी घटाकर 47.67 फीसदी से 44.05 फीसदी कर दी है. इतना ही नहीं, विदेशी निवेशकों की संख्या भी घटकर 2,757 से 2,528 रह गई, जो लगातार तीसरी तिमाही में गिरावट को दर्शाता है. यह रुझान इस बात का संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार दबाव के चलते विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं.
घरेलू निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी
FIIs से उलट, घरेलू निवेशकों ने इस मौके को खरीदारी के रूप में भुनाया है. DIIs की हिस्सेदारी बढ़कर 40.14 फीसदी हो गई है, जिसमें म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 2.88 फीसदी बढ़कर 29.54 फीसदी तक पहुंच गई. इसके अलावा प्रोविडेंट फंड्स ने करीब 2,239 करोड़ रुपये और इंश्योरेंस कंपनियों ने लगभग 256 करोड़ रुपये का निवेश किया. हालांकि, LIC ने इस दौरान करीब 969 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी घटाई है.
इन्होंने भी बढ़ाए स्टेक
बड़े संस्थागत निवेशकों की गतिविधि पर नजर डालें तो HDFC Group ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5.8 फीसदी कर ली है, जबकि ICICI Group ने 4.3 फीसदी और SBI Group ने 7.5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ अपनी पकड़ मजबूत की है. खास बात यह है कि कोटक महिंद्रा ग्रुप ने भी पहली बार एंट्री लेते हुए 1.3 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. विदेशी निवेशकों में वैनगार्ड फंड, सिंगापुर सरकार और नॉर्वे के गवर्नमेंट पेंशन फंड ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो इस बैंक के प्रति ग्लोबल भरोसे को दर्शाता है.
शेयरों ने कैसा किया प्रदर्शन?
शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो HDFC Bank का स्टॉक हाल के समय में दबाव में रहा है. मंगलवार, 7 अप्रैल को यह 0.13 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 772 रुपये पर बंद हुआ, लेकिन पिछले एक साल में इसमें 12 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है. फिलहाल यह अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर 1,020 रुपये से करीब 24 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे वैल्यूएशन के लिहाज से यह निवेशकों के लिए आकर्षक स्तर पर माना जा रहा है.
वित्तीय स्थिति?
फंडामेंटल्स के मोर्चे पर बैंक का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 8.18 फीसदी बढ़कर 41,245 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि नेट प्रॉफिट में 12.82 फीसदी की वृद्धि दर्ज करते हुए यह 20,691 करोड़ रुपये हो गया. पिछले तीन वर्षों में बैंक का NII और मुनाफा क्रमश: 25 फीसदी और 24 फीसदी की दर से बढ़ा है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाता है.
ये भी पढ़ें- ₹450 करोड़ के US डील से चमका इस कंपनी का शेयर, 13% उछला भाव; आपके पोर्टफोलियो में है शामिल?
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Nifty Outlook: बुधवार को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, एक्सपर्ट से समझें 8 अप्रैल का आउटलुक
8 अप्रैल को खरीदें ये तीन स्टॉक्स, हफ्ते भर में कमाएंगे मुनाफा; एनालिस्ट ने दिया है मजबूत टारगेट
ऑर्डर मिलते ही 12 फीसदी तक भागा यह डिफेंस स्टॉक, सेना के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम बनाएगी कंपनी, रखें नजर
