20 अप्रैल को शेयर बाजार में तेज शुरुआत के संकेत, FIIs की खरीदारी सहित इन 5 फैक्टर से बदल सकता है मूड

GIFT Nifty की मजबूत बढ़त और वैश्विक संकेतों के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के आसार हैं. तेल की कीमतों में गिरावट, बैंकिंग सेक्टर के मजबूत नतीजे और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है.

शेयर मार्केट में उछाल के संकेत Image Credit: canva/AI image

Share Market Trend on April 20, 2026: भारतीय शेयर बाजार में कल यानी सोमवार, 19 अप्रैल को मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. बीते कारोबारी दिवस, GIFT Nifty में आई तेज बढ़त से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाजार पिछले सत्र की तेजी को आगे बढ़ा सकता है. बीते हफ्ते भी सेंसेक्स और निफ्टी में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली थी, जिससे यह साफ है कि मार्च में आई गिरावट के बाद अब बाजार धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ रहा है.

पॉजिटिव सेंटीमेंट का बड़ा कारण?

इस सकारात्मक माहौल के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी की उम्मीद है. निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव जल्द कम हो सकता है. कुछ कूटनीतिक बातचीत और अस्थायी युद्धविराम जैसे कदमों ने बाजार को राहत दी है. अगर हालात और सुधरते हैं, तो इसका असर सीधे निवेशकों के भरोसे पर पड़ेगा, जो बाजार के लिए अच्छा संकेत है.

कच्चे तेल की कीमत में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी भारतीय बाजार के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट खोल दिए जाने की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों में 10 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है. चूंकि भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए सस्ता तेल देश की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होता है. इससे महंगाई पर नियंत्रण रहता है और कंपनियों की लागत भी कम होती है, जिससे बाजार को मजबूती मिलती है.  हालांकि, अगले ही दिन पश्चिम एशिया से फिर खबर आई कि ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है.

तिमाही नतीजों ने भी बदला मूड

घरेलू स्तर पर बैंकिंग सेक्टर के अच्छे नतीजों ने भी बाजार का मूड बेहतर किया है. HDFC बैंक, ICICI बैंक और Yes बैंक ने चौथी तिमाही में मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की है. खासकर Yes बैंक का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा, जिसमें लगभग 45 फीसदी की बढ़त देखी गई. बड़े बैंकों के अच्छे नतीजे निवेशकों का भरोसा बढ़ाते हैं और बाजार को सहारा देते हैं.

मजबूत होते रुपये का भी असर

रुपये की मजबूती भी एक सकारात्मक संकेत है. हाल ही में डॉलर के मुकाबले रुपया थोड़ा मजबूत हुआ है, जो बताता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा वापस लौट रहा है. RBI के कदमों और वैश्विक हालात में सुधार से रुपये को सहारा मिला है. अगर रुपया स्थिर रहता है, तो इससे बाजार में स्थिरता बनी रहती है.

विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बदला रुख

इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जो बाजार के लिए अच्छा संकेत है. लगातार तीन दिनों तक उन्होंने भारतीय शेयरों में निवेश किया है. इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है. आने वाले समय में बाजार की दिशा कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगी. खासकर वैश्विक राजनीति, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे. अगर ये सभी कारक अनुकूल रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है.

ये भी पढ़ें- Dividend Stock: हर शेयर पर ₹48 का डिविडेंड, 22 अप्रैल है रिकॉर्ड डेट

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.