सिगरेट से लेकर FMCG तक ITC की ताकत, लेकिन क्या मंदी में भी रहेगा नंबर वन? रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 27%

ITC का सबसे बड़ा सहारा उसका सिगरेट बिजनेस है. सिगरेट की मांग आमतौर पर आदत पर आधारित होती है, इसलिए आर्थिक मंदी में भी इसकी बिक्री बहुत ज्यादा नहीं गिरती. इससे कंपनी को लगातार कैश फ्लो मिलता रहता है. इसके अलावा ITC के पास अच्छा प्राइस कंट्रोल है. यानी कंपनी जरूरत पड़ने पर कीमतें बढ़ाकर मुनाफा बचा सकती है.

आईटीसी लिमिटेड Image Credit: ITC

ITC: शेयर बाजार में निवेश करते समय सबसे बड़ा सवाल होता है कि कौन सा स्टॉक मुश्किल समय में भी टिकेगा. जब अर्थव्यवस्था धीमी होती है, तब कई कंपनियों की कमाई और शेयर कीमत दोनों पर असर पड़ता है. ऐसे में निवेशक ऐसे स्टॉक्स की तलाश करते हैं जो मंदी में भी स्थिर रहें. इसी चर्चा में एक बड़ा नाम आता है ITC. लंबे समय से इसे एक मजबूत और सुरक्षित कंपनी माना जाता रहा है, खासकर इसके सिगरेट कारोबार की वजह से. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. क्या ITC सच में recession-proof है या सिर्फ recession-resilient यानी थोड़ी मजबूत है. आइए आंकड़ों की मदद से विस्तार से समझते हैं.

मंदी में ITC क्यों मजबूत माना जाता है

ITC का सबसे बड़ा सहारा उसका सिगरेट बिजनेस है. सिगरेट की मांग आमतौर पर आदत पर आधारित होती है, इसलिए आर्थिक मंदी में भी इसकी बिक्री बहुत ज्यादा नहीं गिरती. इससे कंपनी को लगातार कैश फ्लो मिलता रहता है. इसके अलावा ITC के पास अच्छा प्राइस कंट्रोल है. यानी कंपनी जरूरत पड़ने पर कीमतें बढ़ाकर मुनाफा बचा सकती है.

खास बात यह है कि इसे ज्यादा कीमत बढ़ाने की जरूरत भी नहीं पड़ती, जबकि दूसरी FMCG कंपनियों को ज्यादा बढ़ोतरी करनी पड़ती है. कंपनी का कैश फ्लो मजबूत है. ITC का रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 27 प्रतिशत है और डिविडेंड यील्ड लगभग 5 प्रतिशत के आसपास रहती है. इससे निवेशकों को नियमित कमाई मिलती है.

ITC कंपनी का फाइनेंशियल डेटा

विवरणDec 25Sep 25Jun 25Mar 25Dec 24
कुल कमाई (Revenue)19,08918,91920,41218,04318,139
खर्च (Expenses)11,74611,76913,48811,26111,224
ऑपरेटिंग मुनाफा6,2716,2526,2615,9865,828
मुनाफा प्रतिशत (%)34.81%34.69%31.70%34.71%34.18%
टैक्स से पहले मुनाफा6,6856,8516,5456,4167,073
टैक्स1,5961,6711,6321,5421,652
नेट प्रॉफिट5,0885,1794,9125,561*5,638

लेकिन जोखिम भी कम नहीं हैं

ITC के लिए सबसे बड़ा खतरा सरकार का टैक्स है. सिगरेट पर टैक्स बढ़ने से कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं. इससे बिक्री घट सकती है और अवैध सिगरेट का कारोबार बढ़ सकता है. ITC ने अब सिर्फ सिगरेट पर निर्भर रहना कम किया है. कंपनी ने FMCG, होटल, पेपर और एग्री बिजनेस में विस्तार किया है. इससे जोखिम थोड़ा कम हुआ है. FMCG सेगमेंट में लगातार डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिल रही है. रोजमर्रा के सामान जैसे आटा, बिस्किट और नूडल्स की मांग मंदी में भी बनी रहती है.

ITC सेफ है या नहीं

ITC पूरी तरह recession-proof नहीं है. लेकिन यह एक मजबूत और स्थिर कंपनी जरूर है जो मंदी में भी बाकी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. इसमें मजबूत कैश फ्लो, डाइवर्सिफिकेशन और ब्रांड पावर है. लेकिन टैक्स, महंगाई और मांग जैसे जोखिम भी मौजूद हैं. इसलिए ITC को एक संतुलित और समझदारी वाला निवेश माना जा सकता है, ना कि पूरी तरह सुरक्षित.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.