JM फाइनेंशियल ने कहा- खरीदो Adani Power, आ सकती है 21% की तेजी, थर्मल पावर की डिमांड देगी शेयर को दम!

JM Financial ने Adani Power पर कवरेज शुरू करते हुए BUY रेटिंग दी है. ब्रोकरेज ने बढ़ती बिजली मांग और थर्मल पावर की अहम भूमिका को देखते हुए ₹178 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 21% की अपसाइड की तेजी को दिखाता है. आइये जानते हैं कि ब्रोकरेज ने रिपोर्ट ने क्या-क्या बताया है.

अडानी पावर Image Credit: TV9 Bharatvarsh & canva

ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने अडानी पावर (Adani Power) पर कवरेज की शुरुआत करते हुए शेयर को BUY रेटिंग दी है. ब्रोकरेज ने शेयर का 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹178 प्रति शेयर तय किया है जो मौजूदा भाव से करीब 21 फीसदी की तेजी को दिखाता है. JM Financial का मानना है कि भारत में बिजली की मांग जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसमें थर्मल पावर की भूमिका आने वाले दशकों तक अहम बनी रहेगी

शेयर का हाल

अडानी पावर के शेयर फिलहाल 146.20 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं. इस शेयर का 52 वीक हाई 182.70 रुपये है. इसने पिछले साल भर में 40% से अधिक का रिटर्न दिया है. वहीं, इसने पिछले 5 साल में 1364% से अधिक का रिटर्न दिया है. कंपनी का मार्केट कैप 2.85 लाख करोड़ रुपये है.

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज

ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पीक पावर डिमांड FY24 में 250 गीगावॉट थी, जो FY32 तक बढ़कर 386 गीगावॉट और FY47 तक 700 गीगावॉट से ज्यादा पहुंच सकती है. रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर और विंड) की बढ़ती हिस्सेदारी के बीच ग्रिड की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लॉन्ग-ड्यूरेशन एनर्जी स्टोरेज के साथ-साथ भरोसेमंद बेस लोड थर्मल पावर की जरूरत बनी रहेगी. अनुमान है कि 2047 तक देश में कोयला आधारित बिजली क्षमता 340 गीगावॉट होगी, जिसके लिए 2035 तक 97 गीगावॉट और 2047 तक रिटायरमेंट की भरपाई के लिए 137 गीगावॉट नई क्षमता जोड़नी होगी.

भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर थर्मल पावर कंपनी

JM Financial का कहना है कि कोविड के बाद जब बिजली की मांग FY22, FY23 और FY24 में क्रमशः 6.7%, 6.3% और 12.7% बढ़ी, तब Adani Power ने सबसे पहले थर्मल पावर की अनिवार्यता को पहचाना. कंपनी ने समय रहते क्षमता विस्तार किया और आज यह भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर थर्मल पावर कंपनी बन चुकी है. फिलहाल कंपनी की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 18.1 गीगावॉट है, जिसे FY32 तक 41.9 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

एक्जेक्यूशन कैपिबिलिटी को बड़ी ताकत

ब्रोकरेज ने कंपनी की एक्जेक्यूशन कैपिबिलिटी को भी बड़ी ताकत बताया है. अहम उपकरणों की पहले से बुकिंग, इन-हाउस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स, जमीन, PPA और जरूरी क्लियरेंस पहले ही सुरक्षित होने के चलते FY32–FY33 तक 41.9 गीगावॉट का लक्ष्य हासिल होने की संभावना ज्यादा है. JM Financial का अनुमान है कि FY25–28 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू और EBITDA CAGR क्रमशः 15% और 18% रह सकता है. वहीं EBITDA प्रति मेगावॉट FY25 में ₹13 मिलियन से बढ़कर FY32 में ₹18 मिलियन से ज्यादा हो सकता है.

वैल्यूएशन के लिहाज से ब्रोकरेज ने शेयर को 13x FY28 EV/EBITDA मल्टीपल पर वैल्यू किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि भारी कैपेक्स के चलते नेट डेट/EBITDA कुछ समय के लिए बढ़ सकता है लेकिन नई क्षमता के ऑपरेशनल होने के बाद यह फिर संतुलित हो जाएगा. कुल मिलाकर, JM Financial मानता है कि बढ़ती बिजली मांग के दौर में अडानी पावर थर्मल पावर से जुड़ी नई ग्रोथ वेव को सबसे तेजी से भुनाने वाली कंपनियों में शामिल है.

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