नई ड्राफ्ट पॉलिसी की खबर से दौड़ पड़े इन 3 शराब कंपनियों के शेयर, 4% तक उछले भाव; रखें नजर
कर्नाटक सरकार की नई ड्राफ्ट शराब नीति की खबर से शराब कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. United Breweries, Radico Khaitan और Tilaknagar Industries के शेयर 4% तक उछल गए. नई टैक्स व्यवस्था से कंपनियों के मुनाफे और बिक्री बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में निवेशकों के लिए यह सेक्टर आकर्षक बन सकता है, लेकिन क्या अभी निवेश का सही समय है, यही बड़ा सवाल है.
Liquor Stocks: कर्नाटक सरकार की नई शराब नीति (ड्राफ्ट) का असर बाजार में तुरंत दिखने लगा है. जैसे ही सरकार ने टैक्स नियम बदलने का ड्राफ्ट जारी किया, शराब बनाने वाली बड़ी कंपनियों के शेयर उछल गए. निवेशकों को उम्मीद है कि इस नई नीति से कंपनियों का कारोबार बढ़ेगा और मुनाफा भी सुधरेगा.
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब शराब पर टैक्स उसकी ताकत यानी उसमें मौजूद अल्कोहल की मात्रा के आधार पर लगेगा. इससे ग्राहकों के लिए भी कीमतों में बदलाव देखने को मिलेगा. खासकर बीयर और प्रीमियम शराब के दाम पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. यही वजह है कि बाजार ने इस खबर को सकारात्मक तरीके से लिया और शेयरों में तेजी दिखी.
शेयर बाजार में तेजी
नई नीति की खबर आते ही 20 अप्रैल को शराब कंपनियों के शेयरों में अलग-अलग तरह की हलचल देखने को मिली.
| United Breweries United Breweries का शेयर करीब 1.92 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,522 रुपये के आसपास पहुंच गया. दिनभर के कारोबार में इसमें शुरुआत में तेज उछाल आया, लेकिन बाद में थोड़ी गिरावट भी दिखी और आखिर में हल्की मजबूती के साथ बंद हुआ. |
| Radico Khaitan वहीं Radico Khaitan के शेयर में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली. यह करीब 4.81 प्रतिशत चढ़कर 3,340 रुपये के आसपास पहुंच गया. पूरे दिन शेयर में लगातार खरीदारी बनी रही और आखिर में मजबूत बढ़त के साथ कारोबार खत्म हुआ. इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा इस कंपनी पर ज्यादा मजबूत दिखा. |
| Tilaknagar Industries दूसरी तरफ Tilaknagar Industries के शेयर में हल्की तेजी रही. यह करीब 0.60 प्रतिशत बढ़कर 472 रुपये के आसपास पहुंचा. हालांकि दिनभर इसमें उतार-चढ़ाव बना रहा और शुरुआत की तेजी के बाद इसमें दबाव भी देखने को मिला, लेकिन अंत में यह हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ. |
क्या है नई नीति
कर्नाटक सरकार ने 1968 से लागू पुराने एक्साइज नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. अब शराब पर टैक्स उसकी कीमत के बजाय उसमें मौजूद अल्कोहल की मात्रा यानी AIB के आधार पर तय किया जाएगा. यह सिस्टम भारत में पहली बार लागू होगा. सरकार का कहना है कि इससे टैक्स सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और आसान बनेगा.
कीमतों पर क्या होगा असर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सस्ती शराब महंगी हो सकती है, क्योंकि उसमें अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होती है. वहीं महंगी और प्रीमियम शराब जैसे स्कॉच के दाम कम हो सकते हैं. इसके अलावा हल्की बीयर, जिसमें अल्कोहल 5 प्रतिशत से कम होता है, उस पर टैक्स कम लग सकता है.
यानी अलग-अलग कैटेगरी में कीमतों में बदलाव देखने को मिलेगा. इस नीति से शराब कंपनियों को फायदा हो सकता है. टैक्स कम होने से प्रीमियम शराब की बिक्री बढ़ सकती है. इससे कंपनियों का वॉल्यूम और मुनाफा दोनों बढ़ने की उम्मीद है.
कर्नाटक क्यों है अहम बाजार
कर्नाटक देश के उन राज्यों में शामिल है जहां शराब की खपत काफी ज्यादा है. यहां टैक्स भी पहले से काफी ऊंचा रहा है. इसलिए यहां नीति में बदलाव का असर पूरे उद्योग पर पड़ता है. United Spirits और United Breweries जैसी कंपनियों के लिए यह राज्य बड़ा बाजार है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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