₹5 से ₹1 होगी फेस वैल्यू, कोटक महिंद्रा बैंक का स्टॉक स्प्लिट ऐलान, जानें निवेशकों के लिए क्या है अहम तारीख
एक बड़े निजी बैंक के कॉरपोरेट एक्शन को लेकर निवेशकों में हलचल तेज है. रिकॉर्ड डेट नजदीक आते ही शेयर की लिक्विडिटी, कीमत और छोटे निवेशकों की भागीदारी को लेकर चर्चा बढ़ गई है. यह फैसला बाजार में ट्रेडिंग पैटर्न को प्रभावित कर सकता है.
Kotak Mahindra Bank Stock Split: शेयर बाजार में कॉरपोरेट एक्शन को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी हमेशा बनी रहती है, क्योंकि ऐसे फैसले सीधे तौर पर शेयर की ट्रेडिंग और निवेशकों की भागीदारी को प्रभावित करते हैं. इसी कड़ी में Kotak Mahindra Bank का आने वाला स्टॉक स्प्लिट अब बेहद करीब है. बैंक ने इस स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट तय कर दी है, जिससे निवेशकों के बीच इसे लेकर हलचल तेज हो गई है.
पिछले महीने कोटक महिंद्रा बैंक ने 5:1 स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया था. इसके तहत बैंक के एक शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये से घटाकर 1 रुपये कर दी जाएगी. यानी निवेशक के पास मौजूद हर एक शेयर के बदले पांच नए शेयर हो जाएंगे. बैंक ने इस कॉरपोरेट एक्शन के लिए 14 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है.
रिकॉर्ड डेट का क्या मतलब है
रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है, जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन से शेयरधारक स्टॉक स्प्लिट के लिए पात्र हैं. जिन निवेशकों का नाम 14 जनवरी 2026 को बैंक के शेयरधारकों की सूची में होगा, उन्हें इस स्प्लिट का लाभ मिलेगा.
भारतीय शेयर बाजार में T+1 सेटलमेंट सिस्टम लागू है. इसका मतलब यह है कि शेयर खरीदने के एक कारोबारी दिन बाद ही वे निवेशक के डीमैट अकाउंट में आते हैं. ऐसे में अगर कोई निवेशक इस स्टॉक स्प्लिट का फायदा लेना चाहता है, तो उसे रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग दिन पहले शेयर खरीदना होगा.
शेयर की कीमत पर क्या होगा असर
स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत अपने आप समायोजित हो जाती है. यानी शेयर की बाजार कीमत घटेगी, लेकिन निवेश की कुल वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होगा. फिलहाल कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर करीब 2,136 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है और स्प्लिट के बाद यह कीमत अनुपात के हिसाब से नीचे आ जाएगी.
यह पहली बार नहीं है जब कोटक महिंद्रा बैंक ने स्टॉक स्प्लिट किया हो. इससे पहले साल 2010 में बैंक ने शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटाकर 5 रुपये की थी. इसके अलावा 2015 में बैंक ने 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर भी जारी किए थे.
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स्टॉक स्प्लिट का मकसद आमतौर पर शेयर की लिक्विडिटी बढ़ाना और छोटे निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना होता है. कीमत कम होने से शेयर ज्यादा लोगों की पहुंच में आ जाता है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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