क्रिप्टो निवेशक हो जाएं अलर्ट, बजट में सरकार की बड़ी मार, अगर की ये गलती तो रोजाना फाइन और भारी पेनल्टी के लिए रहें तैयार
इस बार क्रिप्टो निवेशकों के लिए सरकार ने साफ और सख्त संदेश दिया है. अगर किसी ने अपने क्रिप्टो एसेट्स की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी, तो अब उस पर रोजाना जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, अगर कोई गलत जानकारी देता है या गलती सुधारता नहीं है, तो उस पर अलग से भारी पेनल्टी चुकानी होगी.
Budget 2026 Crypto Assets: बजट आते ही सबसे ज्यादा चर्चा टैक्स और जुर्माने से जुड़े ऐलानों की होती है. इस बार क्रिप्टो निवेशकों के लिए सरकार ने साफ और सख्त संदेश दिया है. अगर किसी ने अपने क्रिप्टो एसेट्स की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी, तो अब उस पर रोजाना जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, अगर कोई गलत जानकारी देता है या गलती सुधारता नहीं है, तो उस पर अलग से भारी पेनल्टी चुकानी होगी. सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स नियमों का पालन कराने और छिपी हुई कमाई पर रोक लगाने के लिए जरूरी है. नए नियम अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इसके बाद क्रिप्टो लेनदेन को लेकर लापरवाही करना महंगा पड़ सकता है.
बजट 2026 में क्या बदला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट पेश करते हुए बताया कि नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. यह पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा. इसी नए कानून में क्रिप्टो एसेट्स से जुड़ी जानकारी न देने या गलत बताने पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. नए सेक्शन 509 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति या संस्था अपने क्रिप्टो एसेट्स का डिटेल नहीं देती है, तो उस पर 200 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा. इसके अलावा, अगर कोई गलत जानकारी देता है या गलती सुधारता नहीं है, तो उस पर 50000 रुपये की सीधी पेनल्टी लगाई जाएगी.
किन मामलों में लगेगा जुर्माना
बजट दस्तावेज में साफ कहा गया है कि यह पेनल्टी लोगों को सही जानकारी देने के लिए मजबूर करने के मकसद से लाई गई है. अगर क्रिप्टो स्टेटमेंट फाइल नहीं किया गया. या अधूरी जानकारी दी गई. या फिर गलती पकड़ में आने के बाद भी सुधारा नहीं गया तो कार्रवाई हो सकती है. इसके साथ ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 446 में भी बदलाव का प्रस्ताव है, ताकि क्रिप्टो से जुड़े मामलों में गलत रिपोर्टिंग पर सख्ती की जा सके.
| गलती / नियम उल्लंघन | कितना जुर्माना लगेगा |
|---|---|
| क्रिप्टो एसेट्स की जानकारी न देना | ₹200 प्रतिदिन |
| गलत जानकारी देना | ₹50,000 |
| गलती सुधारने में नाकाम रहना | ₹50,000 |
| क्रिप्टो स्टेटमेंट दाखिल न करना | ₹200 प्रतिदिन |
| अधूरी या गलत रिपोर्टिंग | ₹50,000 |
एक्सपर्ट की चेतावनी
कैपिटलमाइंड AMC के CEO दीपक शेनॉय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके निवेशकों को सतर्क किया. उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने अपने क्रिप्टो एसेट्स घोषित नहीं किए हैं, उन्हें अब रोजाना 200 रुपये का जुर्माना और गलत जानकारी देने पर 50,000 रुपये की पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है.
सरकार का मकसद क्या है
सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग अपनी डिजिटल संपत्तियों की सही जानकारी दें और टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़े. सरकार नहीं चाहती कि कोई भी निवेशक क्रिप्टो के जरिए कमाई छिपाए या गलत आंकड़े दिखाए. अब क्रिप्टो में निवेश करने वालों को अपनी होल्डिंग और लेनदेन का पूरा ब्योरा देना होगा. वरना रोजाना जुर्माना बढ़ता जाएगा और एक बार की गलती पर भी बड़ी रकम चुकानी पड़ सकती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




