इस IT कंपनी ने किया अंतरिम डिविडेंड का ऐलान, 2000 फीसदी तक दे चुकी है रिटर्न, जानें क्या है रिकॉर्ड डेट

आईटी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 22 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है. कंपनी ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट जनवरी 27 तय की है और पेमेंट 30 दिनों के भीतर किया जाएगा. तीसरी तिमाही में कंपनी की इनकम में बढ़ोतरी हुई है हालांकि मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज की गई.

र्सिस्टेंट सिस्टम्स ने प्रति शेयर 22 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है. Image Credit: Getty image

Persistent Systems Dividend: IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Persistent Systems ने अपने निवेशकों को बड़ी राहत दी है. कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है. यह वही शेयर है जिसने पिछले 10 साल में निवेशकों को लगभग 2000 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. डिविडेंड के साथ कंपनी के तिमाही नतीजे और ऑर्डर बुकिंग के आंकडे भी सामने आए हैं. हालांकि ताजा तिमाही में मुनाफे में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके बावजूद कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर पॉजिटिव नजर आ रहा है.

कितने रुपये का डिविडेंड का ऐलान

कंपनी ने प्रति शेयर 22 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है. कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू 5 रुपये है. यह डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया जाएगा. कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने जनवरी में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी. डिविडेंड की घोषणा की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को आधिकारिक फाइलिंग के जरिये दी गई है. इस फैसले से लंबे समय से निवेश करने वाले शेयरधारकों को सीधा फायदा मिलेगा.

कब है रिकॉर्ड डेट

कंपनी ने इस अंतरिम डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट जनवरी महीने की 27 तारीख तय की है. जिन निवेशकों के नाम रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के रजिस्टर में दर्ज होंगे वही डिविडेंड पाने के पात्र होंगे. कंपनी ने यह भी साफ किया है कि डिविडेंड का पेमेंट तय डेडलाइन के अंदर किया जाएगा. घोषणा की तारीख से 30 दिनों के अंदर शेयरधारकों के खाते में राशि भेज दी जाएगी. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपने डीमैट और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखें.

कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा

कंपनी का तीसरी तिमाही का प्रदर्शन मिला जुला रहा है. तिमाही आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर 439 रुपये रह गया. वहीं कंपनी की कुल इनकम बढ़कर 3768 करोड़ रुपये पहुंच गई. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का नेट फ्रॉफिट और इनकम दोनों अधिक थे. इस तिमाही में नए लेबर कोड लागू होने से कंपनी पर एक बार का असर पड़ा. इसका सीधा असर मुनाफे के आंकड़ों में दिखाई दिया.

क्लाउड सर्विस में कंपनी एक्टिव

कंपनी के अनुसार डिजिटल क्लाउड और डेटा इंजीनियरिंग सर्विस में लगातार मजबूत मांग बनी हुई है. Persistent Systems कई बडे़ और जटिल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. कंपनी अपने आंतरिक कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग कर रही है ताकि कैपेसिटी बढ़ाई जा सके. माइक्रोसॉफ्ट फ्रंटियर फर्म के रूप में मिली पहचान को कंपनी ने एक पाजिटिव संकेत बताया है. आने वाले समय में कंपनी का फोकस लगातार ग्रोथ और बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर रहेगा.

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कैसा है शेयर का प्रदर्शन

दिसंबर तिमाही में कंपनीकी कुल ऑर्डर बुकिंग 674 मिलियन डॉलर रही. वहीं सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 501 मिलियन डॉलर से अधिक दर्ज की गई. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 6155 रुपये के आसपास बंद हुआ. हालिया सत्र में शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली है. हालांकि लंबी अवधि में इस शेयर ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. Persistent Systems BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है और इसका मार्केट कैप मजबूत बना हुआ है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.