RIL और ONGC में तेजी, USA के Venezuela पर हमले का मिल रहा फायदा, खुलने वाले हैं ये नए दरवाजे

Jefferies ने Reliance Industries और ONGC दोनों पर Buy रेटिंग दोहराई है. ब्रोकरेज ने Reliance का टारगेट प्राइस 1,785 रुपये और ONGC का 310 रुपये रखा है. यह Reliance में करीब 12 प्रतिशत और ONGC में करीब 28 प्रतिशत की संभावित तेजी का संकेत देता है.

Reliance Industries और ONGC के शेयरों में मौका! Image Credit: Canva

5 जनवरी को बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला लेकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ONGC के शेयरों में तेजी देखने को मिली. इस तेजी के बाद रिलायंस अपने एक साल के हाई पर चला गया. अब ब्रोकरेज फर्म Jefferies का मानना है कि अगर अमेरिका की अगुवाई में Venezuela के तेल सेक्टर का अधिग्रहण और पुनर्गठन होता है, तो इसका सबसे ज्यादा फायदा भारतीय कंपनियों में Reliance Industries और ONGC को मिल सकता है. फिलहाल Venezuela का तेल उत्पादन काफी कम है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों पर इसका तात्कालिक असर सीमित रहने की उम्मीद है. हालांकि, मध्यम अवधि में निवेश और उत्पादन बढ़ने से सप्लाई का गणित बदल सकता है, जिसका असर मार्जिन, कैश फ्लो और वैल्यूएशन पर दिख सकता है.

Jefferies के मुताबिक, अगर कराकस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलती है या उन्हें हटाया जाता है, तो Reliance Industries और ONGC दोनों को सप्लाई और कैश फ्लो के मोर्चे पर फायदा हो सकता है. लंबे समय में इससे दोनों शेयरों के वैल्यूएशन को भी सपोर्ट मिलने की संभावना है.

Venezuela का बड़ा रिजर्व, लेकिन कम उत्पादन

ब्रोकरेज का कहना है कि दुनिया के कुल साबित तेल भंडार का करीब 18 प्रतिशत Venezuela के पास है, लेकिन ग्लोबल क्रूड ऑयल की सप्लाई में उसकी हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है. फिलहाल वहां उत्पादन 10 लाख बैरल प्रतिदिन से नीचे बना हुआ है. ऐसे में USA की अगुवाई में Venezuela के तेल एसेट्स को लेकर चल रही हलचल से निकट अवधि में कच्चे तेल की कीमतों पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, भले ही ट्रेड फ्लो में कुछ बदलाव क्यों न हो.

Jefferies को उम्मीद है कि जैसे ही प्रतिबंधों में ढील मिलेगी, USA की बड़ी ऑयल कंपनियां Venezuela के तेल क्षेत्रों में निवेश करेंगी. इससे 2027–28 तक उत्पादन बढ़ सकता है. अगर OPEC+ ने उत्पादन कटौती के जरिए इसका संतुलन नहीं बनाया, तो मध्यम अवधि में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आ सकता है.

Reliance Industries को सस्ते क्रूड का फायदा

Reliance Industries के लिए Jefferies की मुख्य थीसिस सस्ते Venezuelan crude तक दोबारा पहुंच को लेकर है. कंपनी का जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स तकनीकी रूप से हेवी और खट्टे क्रूड को प्रोसेस करने में सक्षम है. Venezuelan crude भारी, खट्टा और एसिडिक होता है, जिसे दुनिया में सीमित संख्या में ही कॉम्प्लेक्स रिफाइनरीज प्रोसेस कर पाती हैं. इसी वजह से यह Brent के मुकाबले आमतौर पर 5 से 8 डॉलर प्रति बैरल के डिस्काउंट पर ट्रेड करता है.

ONGC के लिए मौका

ONGC के मामले में Jefferies ने ज्यादा सीधा बैलेंस शीट ट्रिगर बताया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, Venezuela में ONGC के प्रोजेक्ट्स से जुड़े लंबे समय से अटके डिविडेंड की वसूली का रास्ता खुल सकता है. San Cristobal फील्ड से ONGC को मिलने वाला हिस्सा अब तक नहीं मिला है और बकाया रकम 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी जा रही है.

Buy रेटिंग बरकरार, ये हैं टारगेट

Jefferies ने Reliance Industries और ONGC दोनों पर Buy रेटिंग दोहराई है. ब्रोकरेज ने Reliance का टारगेट प्राइस 1,785 रुपये और ONGC का 310 रुपये रखा है. यह Reliance में करीब 12 प्रतिशत और ONGC में करीब 28 प्रतिशत की संभावित तेजी का संकेत देता है.

इसे भी पढ़ें- 2026 में भागने को तैयार ये 2 शेयर! ऑयल एंड गैस सेक्टर में मची हलचल, आ सकता है ब्रेकआउट

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.