SEBI ने पकड़ा बड़ा फ्रॉड, नकली मुनाफा दिखाकर निवेशकों को लूटा; ₹2950 करोड़ की पोंजी स्कीम बेनकाब
जांच में सामने आया कि इस स्कीम के जरिए 2,950 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई गई. हालांकि, ब्रोकर को कितना फायदा हुआ, इसका सही आंकड़ा सामने नहीं आ पाया. SEBI ने पाया कि ब्रोकर ने नियमों का उल्लंघन किया है और वह अब ‘फिट एंड प्रॉपर’ मानदंडों पर खरा नहीं उतरता. रेगुलेटर ने कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.
मार्केट रेगुलेटर Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है, जिसमें ब्रोकिंग लाइसेंस का इस्तेमाल पोंजी जैसी स्कीम चलाने के लिए किया गया. SEBI के मुताबिक, निवेशकों को हर महीने 10-12 प्रतिशत तय रिटर्न का लालच देकर फंसाया गया. जांच में सामने आया कि ब्रोकर, उसके डायरेक्टर्स और अन्य कंपनियों के बीच गहरे संबंध थे. कई डायरेक्टर्स अलग-अलग फर्मों में पार्टनर थे और उनके पर्सनल अकाउंट्स से इन कंपनियों के बीच लेन-देन भी हुआ. इसके अलावा, कंपनियों के एड्रेस और संपर्क जानकारी भी एक जैसी पाई गई.

कैसे चल रहा था पूरा खेल
SEBI ने Trdez Investment Pvt Ltd के खिलाफ जारी आदेश में बताया कि इस स्कीम में कई कंपनियां बनाई गई थीं, जिनके डायरेक्टर एक ही थे. एजेंट्स निवेशकों को बताते थे कि Infinite Beacon, IB Prop Desk और Sispay TFS जैसी कंपनियां इस SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर से जुड़ी हैं, जिससे भरोसा पैदा किया गया. निवेशकों से पैसे इन कंपनियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराए जाते थे और उन्हें नकली मुनाफे दिखाने के लिए डैशबोर्ड दिया जाता था. शुरुआत में कुछ निकासी की अनुमति दी जाती थी, लेकिन बाद में पैसे निकालने पर रोक लगा दी जाती थी.
क्रिप्टो ट्रांजैक्शन का एंगल
SEBI की जांच में क्रिप्टोकरेंसी, खासकर USDT से जुड़े ट्रांजैक्शन का भी जिक्र सामने आया. कुछ शिकायतों में कहा गया कि निवेशकों का पैसा क्रिप्टो में लगाया गया, जबकि एक डायरेक्टर ने भी इस तरह के लेन-देन में शामिल होने की बात मानी.
ब्रोकिंग बिजनेस लगभग बंद
SEBI की रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह है कि ब्रोकर का असली ट्रेडिंग बिजनेस लगभग न के बराबर था. कंपनी ने अपने खाते में सिर्फ 43,430 रुपये का ट्रेड किया था और किसी क्लाइंट के लिए कोई ट्रेड नहीं किया गया. इससे साफ है कि ब्रोकिंग लाइसेंस का इस्तेमाल सिर्फ भरोसा बनाने के लिए किया गया.
शिकायतों पर नहीं लिया एक्शन
SEBI ने यह भी पाया कि Trdez Financial Services को कई शिकायतें मिली थीं, लेकिन कंपनी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. सिर्फ सामान्य नोटिस और वेबसाइट डिस्क्लेमर जारी किए गए, लेकिन संबंधित कंपनियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई.
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान
SEBI के मुताबिक, निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है, हालांकि सटीक आंकड़ा पता नहीं चल पाया है. कई निवेशकों ने शिकायत की कि वे अपना पैसा वापस नहीं निकाल पाए.
करीब 2,950 करोड़ रुपये जुटाए गए
जांच में सामने आया कि इस स्कीम के जरिए 2,950 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई गई. हालांकि, ब्रोकर को कितना फायदा हुआ, इसका सही आंकड़ा सामने नहीं आ पाया.
SEBI की कार्रवाई
SEBI ने पाया कि ब्रोकर ने नियमों का उल्लंघन किया है और वह अब ‘फिट एंड प्रॉपर’ मानदंडों पर खरा नहीं उतरता. रेगुलेटर ने कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इससे पहले स्टॉक एक्सचेंज भी मार्च में इस कंपनी को बाहर कर चुके हैं.
आगे और कार्रवाई संभव
SEBI ने साफ किया है कि फिलहाल यह कार्रवाई सिर्फ ब्रोकर की भूमिका तक सीमित है. लेकिन जिस तरह से बड़ा फंड जुटाया गया और निवेशकों को नुकसान हुआ, उससे संकेत मिलते हैं कि आगे इस मामले में शामिल लोगों पर अलग से कार्रवाई हो सकती है.
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