शेयर मार्केट में होने वाला है बड़ा बदलाव, SEBI फिर खोलने जा रहा है बायबैक का रास्ता; 23 अप्रैल तक मांगे सुझाव
SEBI ने शेयर बाजार में ओपन मार्केट बायबैक को फिर से लागू करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे कंपनियों को शेयर वापस खरीदने का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है. यह कदम Finance Act 2026 के तहत टैक्स नियमों में बदलाव के बाद उठाया गया है, जहां अब बायबैक पर टैक्स निवेशकों के हाथ में कैपिटल गेन के रूप में लागू होगा. SEBI ने इस पर 23 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद नए नियम लागू हो सकते हैं.
SEBI Buyback Proposal: भारत के शेयर बाजार में निवेशकों और कंपनियों के लिए एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. बाजार नियामक सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने ओपन मार्केट के जरिए शेयर बायबैक की व्यवस्था को फिर से लागू करने का प्रस्ताव रखा है. यह कदम टैक्स नियमों में हुए बदलाव के बाद उठाया गया है, जिससे कंपनियों को अपने शेयर वापस खरीदने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे बाजार में लिक्विडिटी, प्राइस डिस्कवरी और निवेशकों के भरोसे में सुधार देखने को मिल सकता है.
क्या है पूरा मामला
SEBI ने गुरुवार को जारी अपने कंसल्टेशन पेपर में कहा कि कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ओपन मार्केट में बायबैक करने की अनुमति फिर से दी जा सकती है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2025 से बंद कर दी गई थी. उस समय यह फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि इस प्रक्रिया में सभी शेयरधारकों को समान अवसर नहीं मिल पा रहा था और टैक्स सिस्टम में भी असमानता थी.
मौजूदा समय में कंपनियां बायबैक के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल कर सकती हैं, इसमें टेंडर ऑफर रूट और बुक-बिल्डिंग प्रोसेस शामिल है. लेकिन स्टॉक एक्सचेंज के जरिए सीधे बायबैक का विकल्प पहले हटा दिया गया था, जिसे अब दोबारा लाने की तैयारी है.
पहले क्या थी समस्या
SEBI के मुताबिक, पुराने सिस्टम में “प्राइस-टाइम मैचिंग” के कारण कुछ निवेशक ही बायबैक का ज्यादा फायदा उठा लेते थे, जबकि कई निवेशक इसमें भाग नहीं ले पाते थे. इसके अलावा, उस समय का टैक्स ढांचा भी अलग-अलग निवेशकों के लिए अलग परिणाम देता था.
टैक्स बदलाव ने खोला रास्ता
अब Finance Act 2026 के तहत बायबैक से मिलने वाली रकम पर टैक्स लगाने का तरीका बदल दिया गया है. पहले कंपनियां बायबैक टैक्स देती थीं, लेकिन अब यह टैक्स निवेशकों पर “कैपिटल गेन्स” के रूप में लागू होगा. यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है. इस बदलाव के बाद अब सभी निवेशकों के लिए टैक्स का व्यवहार समान हो गया है. SEBI का मानना है कि इससे पहले जो असमानता थी, वह खत्म हो गई है और अब ओपन मार्केट बायबैक को सुरक्षित तरीके से फिर से लागू किया जा सकता है.
बाजार और निवेशकों को क्या फायदा
SEBI ने कहा कि ओपन मार्केट बायबैक दुनिया भर के बाजारों में एक सामान्य और प्रभावी तरीका है. इससे शेयरों की कीमतों का सही निर्धारण होता है, बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और कंपनियां अपने पूंजी का बेहतर उपयोग कर पाती हैं. इंडस्ट्री संगठनों जैसे FICCI और AIBI ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है.
उनका मानना है कि इससे बाजार में पैनिक सेलिंग कम होगी, कंपनियां गिरते शेयर प्राइस को संभाल सकेंगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा. SEBI ने इस प्रस्ताव पर 23 अप्रैल 2026 तक जनता और बाजार के अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं. इसके बाद अंतिम नियमों को लागू किया जा सकता है.
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