ईरान-इजरायल वॉर के बीच निवेशकों के डूबे ₹41 लाख करोड़, 28 फरवरी से अब तक FII ने भी निकाले ₹1.30 लाख करोड़

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय शेयर बाजार पर गहराता जा रहा है. जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है. 41 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो चुकी है, जबकि एफआईआई ने 1.30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रहे हैं.

विदेशी निवेशक Image Credit: @Money9live

Indian Stock Market: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत के शेयर बाजार पर साफ तौर पर दिखने लगा है. वैश्विक स्तर पर बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला है. बीते एक महीने में बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है और निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई है. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की स्थिति को और कमजोर कर दिया है.

बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को बड़ा झटका

अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 10 से 11 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, निफ्टी 500 इंडेक्स भी करीब 10 फीसदी टूट चुका है, जबकि कई शेयरों में 40 फीसदी तक की गिरावट आई है. इस गिरावट के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में 41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है.

विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

इस संकट के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला है. रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी के बाद से अब तक FII ने 1.30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए हैं. यह लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है और निवेशकों के भरोसे को कमजोर कर रही है.

कच्चे तेल और रुपया बना बड़ी चिंता

युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें कई साल के हाई स्तर पर पहुंच गई हैं. इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए महंगाई का खतरा बढ़ गया है. साथ ही, भारतीय रुपया भी दबाव में आ गया है और कमजोर स्तर पर पहुंच गया है. यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर कंपनियों के मुनाफे और देश की आर्थिक बढ़ोतरी पर पड़ सकता है. हालांकि, अगर आने वाले 2 से 3 हफ्तों में हालात सामान्य होते हैं, तो बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.