गिरावट के दौर में भी टिके रहे ये 2 EMS स्टॉक्स, 5800 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक; आय में 48.7% की बढ़ोतरी
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग बढ़ रही है, आयात पर निर्भरता घट रही है और सरकार “मेक इन इंडिया” पर जोर दे रही है. PLI योजना के तहत इस सेक्टर में लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है और 18.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रोडक्शन हो चुका है.
साल 2025 के आखिरी महीनों में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज यानी EMS कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई. जिन नामों ने पहले निवेशकों को भारी रिटर्न दिया था, वही अचानक दबाव में आ गए. Dixon, Kaynes और PG Electroplast जैसे शेयर 50 प्रतिशत तक टूट गए. यह गिरावट बाजार की अति-उत्साह वाली रैली का नतीजा मानी जा रही है, जहां कीमतें कंपनियों की असली कमाई से बहुत आगे निकल गई थीं.
फिर भी सेक्टर की बड़ी तस्वीर कमजोर नहीं है. भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग बढ़ रही है, आयात पर निर्भरता घट रही है और सरकार “मेक इन इंडिया” पर जोर दे रही है. PLI योजना के तहत इस सेक्टर में लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है और 18.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रोडक्शन हो चुका है. ऐसे माहौल में दो कंपनियां अलग चमकती दिख रही हैं. इनका नाम Syrma SGS और Avalon Technologies है.
Syrma SGS
Syrma इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग की बड़ी कंपनी है. यह सर्किट बोर्ड असेंबली, बॉक्स बिल्ड सॉल्यूशन और टेस्टिंग सेवाएं देती है. कंपनी RFID टैग्स बनाती है, जो एसेट ट्रैकिंग और सुरक्षा में इस्तेमाल होते हैं. H1FY26 में कंपनी की आय 4.4 प्रतिशत बढ़कर 2,093 करोड़ रुपये रही. लेकिन ज्यादा अहम बात यह है कि EBITDA 60 प्रतिशत बढ़कर 226.6 करोड़ रुपये हो गया. मार्जिन 10.7 प्रतिशत तक पहुंच गया. नेट प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर 116.3 करोड़ रुपये हो गया.
कंपनी अब कम मार्जिन वाले कंज्यूमर बिजनेस से हटकर इंडस्ट्रियल और ऑटो सेगमेंट पर ध्यान दे रही है. इससे बिक्री थोड़ी धीमी हुई, लेकिन मुनाफा बेहतर हुआ. इंडस्ट्रियल सेगमेंट की इनकम 20 प्रतिशत और ऑटो सेगमेंट की इनकम 24 प्रतिशत बढ़ी. हेल्थकेयर और एक्सपोर्ट भी तेजी से बढ़े. Syrma के पास 5800 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है, जो करीब डेढ़ साल की विजिबिलिटी देता है. कंपनी FY26 में 30 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद कर रही है.

Avalon Technologies
Avalon एक पूरी तरह इंटीग्रेटेड EMS कंपनी है. यह PCB डिजाइन, केबल असेंबली, शीट मेटल, प्लास्टिक मोल्डिंग और बॉक्स बिल्ड जैसी सेवाएं देती है. कंपनी का फोकस एयरोस्पेस, डिफेंस, रेल और क्लीन एनर्जी जैसे लंबी अवधि वाले क्षेत्रों पर है. Avalon की सबसे बड़ी ताकत उसका अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बेस है. यह अकेली भारतीय EMS कंपनी है जिसकी फैक्ट्री अमेरिका में है. इससे उसे अमेरिकी ग्राहकों के साथ बेहतर तालमेल और टैरिफ का प्रबंधन करने में मदद मिलती है.
H1FY26 में कंपनी की आय 48.7 प्रतिशत बढ़कर 706 करोड़ रुपये हो गई. EBITDA लगभग दोगुना होकर 68 करोड़ रुपये रहा. नेट प्रॉफिट 158 प्रतिशत बढ़कर 39 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी Kavach रेलवे सेफ्टी सिस्टम और लोकोमोटिव पार्ट्स में भी काम कर रही है. इसके अलावा सेमीकंडक्टर उपकरणों में भी प्रवेश कर चुकी है. Avalon का कुल ऑर्डर बुक 3,031 करोड़ रुपये है.
| Peer Comparison (X) | |||||
| कंपनी | P/E | 3Y Median P/E | Industry Median P/E | RoCE (%) | RoE (%) |
| Syrma | 59.2 | 71.0 | 32.1 | 11.7 | 9.5 |
| Avalon | 70.0 | 79.8 | 28.0 | 12.8 | 10.4 |
| Dixon | 50.4 | 117.9 | 26.1 | 40.0 | 32.8 |
| Kaynes | 63.9 | 119.9 | 32.1 | 14.3 | 10.7 |
| PG Electroplast | 65.7 | 56.7 | 26.1 | 19.4 | 14.9 |
| सोर्स: Screener | |||||
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