भारत से लेकर अमेरिका तक हाहाकार! वॉल स्ट्रीट में मचा कोहराम, Nasdaq में अक्टूबर के बाद की सबसे बड़ी गिरावट

टेक शेयरों वाला Nasdaq Composite 2.39 प्रतिशत टूटकर 22,954.32 के स्तर पर बंद हुआ. तीनों इंडेक्स के लिए यह सत्र अक्टूबर के बाद का सबसे खराब दिन रहा. इस गिरावट के बाद साल 2026 में S&P 500 अब करीब 0.7 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि Nasdaq करीब 1.2 प्रतिशत की गिरावट में चला गया है.

Wall Street crash today Image Credit: Canva, tv9

भारत से लेकर अमेरिकी तक के बाजार में कोहराम मचा हुआ है. अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए टैरिफ धमकियों के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई और बाजार से पैसा निकलता नजर आया. इसका असर यह हुआ कि तीनों बड़े इंडेक्स अक्टूबर के बाद अपने सबसे खराब सत्र में बंद हुए. इस दौरान Dow Jones Industrial Average 870.74 अंक यानी 1.76 प्रतिशत गिरकर 48,488.59 पर बंद हुआ. वहीं, S&P 500 में 2.06 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज हुई. यह 6,796.86 पर आकर बंद हुआ. वहीं, टेक शेयरों वाला Nasdaq Composite 2.39 प्रतिशत टूटकर 22,954.32 के स्तर पर बंद हुआ. तीनों इंडेक्स के लिए यह सत्र अक्टूबर के बाद का सबसे खराब दिन रहा. इस गिरावट के बाद साल 2026 में S&P 500 अब करीब 0.7 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि Nasdaq करीब 1.2 प्रतिशत की गिरावट में चला गया है.

VIX में उछाल, डर का माहौल

बाजार की घबराहट को दिखाने वाला इंडेक्स VIX यानी फियर गेज उछलकर 20.99 के स्तर तक पहुंच गया. इससे साफ है कि निवेशकों में अनिश्चितता और डर बढ़ा हुआ है.

ट्रंप की टैरिफ धमकी से बढ़ी चिंता

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ऐलान किया कि NATO के आठ देशों से अमेरिका में होने वाले आयात पर नया टैरिफ लगाया जाएगा. यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रीनलैंड की खरीद को लेकर कोई डील नहीं होती. जानकारी के मुताबिक, 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जिसे 1 जून से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक किया जाएगा. इसके अलावा, ट्रंप ने फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी भी दी.

अमेरिकी बॉन्ड और डॉलर पर भी दबाव

ट्रंप की धमकी के बाद निवेशकों ने अमेरिकी एसेट से दूरी बनानी शुरू कर दी. इसका असर यह हुआ कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी आई और डॉलर कमजोर हुआ. डेनमार्क की बड़ी पेंशन फंड कंपनी AkademikerPension ने भी अमेरिकी बॉन्ड से बाहर निकलने का फैसला लिया, जिससे बाजार की चिंता और बढ़ गई.

यूरोप में भी हलचल, जवाबी कार्रवाई की तैयारी

यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की नई टैरिफ धमकियों को अस्वीकार्य बताया है. खबरों के मुताबिक, फ्रांस यूरोपीय यूनियन से सख्त जवाबी कदम उठाने की मांग कर रहा है, जिसमें Anti-Coercion Instrument जैसे कड़े आर्थिक हथियार का इस्तेमाल किया जा सकता है.

भारतीय बाजार में भी भयंकर बिकवाली

मंगलवार यानी 20 जनवरी को भारतीय बाजार में भी भयंकर बिकवाली देखने को मिली थी. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कमजोर और मिले-जुले तिमाही नतीजों और ग्लोबल ट्रेड टेंशन की चिंताओं के चलते बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था.

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