Dow, S&P 500 और Nasdaq में गिरावट, ऊंची ब्याज दरों से सहमा अमेरिकी बाजार या कुछ और है कारण; जानें

अमेरिकी बाजारों की सुस्त शुरुआत, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, वॉलमार्ट के सतर्क अनुमान और AI सेक्टर से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया है. डॉव जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक सहित सभी प्रमुख इंडेक्स गिरावट में कारोबार कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में सावधानी का माहौल बन गया है.

अमेरिकी बाजार में गिरावट Image Credit: @Money9live

Wall Street Falls: ग्लोबल शेयर बाजारों में गुरुवार को मिलाजुला लेकिन कमजोर रुख देखने को मिला. अमेरिकी बाजारों की सुस्त शुरुआत, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और बड़ी कंपनियों के सतर्क आउटलुक ने निवेशकों के मूड पर असर डाला. खास तौर पर वॉलमार्ट के सावधान अनुमान, AI सेक्टर से जुड़ी चिंताएं और फेडरल रिजर्व की संभावित सख्ती ने जोखिम लेने की इच्छा को सीमित कर दिया. यही वजह है कि लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बने हुए हैं.

ब्याज दरों को लेकर चिंता सबसे बड़ी वजह

वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में कमजोरी बनी रही. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट- तीनों इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे. निवेशक फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स का विश्लेषण कर रहे हैं, जिनसे संकेत मिला कि अगर महंगाई लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है तो भविष्य में ब्याज दर बढ़ाने का विकल्प खुला रखा जा सकता है. फेड के इस रुख ने बाजार में असमंजस बढ़ा दिया है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें कंपनियों के मुनाफे और आर्थिक गतिविधि दोनों पर दबाव डालती हैं.

महंगाई और आर्थिक सुस्ती का डर

हालांकि महंगाई पहले के मुकाबले कम हुई है, लेकिन अभी भी टारगेट स्तर से ऊपर बनी हुई है. अगर कीमतों में फिर तेजी आती है, तो फेड को लंबे समय तक सख्त रुख बनाए रखना पड़ सकता है. इससे आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ने का जोखिम बढ़ता है. बाजार पहले से ही इस संभावित “हाई रेट, लो ग्रोथ” परिदृश्य को कीमतों में शामिल कर रहा है.

कॉरपोरेट आउटलुक ने बढ़ाई बेचैनी

दुनिया की बड़ी कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ उनका भविष्य को लेकर सतर्क रुख भी बाजार को प्रभावित कर रहा है. खास तौर पर रिटेल सेक्टर से आए संकेत बताते हैं कि उपभोक्ता खर्च में आगे चलकर कमजोरी आ सकती है. अगर लोगों की खरीदारी घटती है, तो कंपनियों की इनकम और प्रॉफिट दोनों प्रभावित होते हैं, जिससे शेयर कीमतों पर दबाव आता है.

AI निवेश और टेक सेक्टर की चुनौती

टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन इसका फायदा तुरंत नहीं दिख रहा. बड़े खर्च, प्रतिस्पर्धा और नियामकीय जोखिमों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. टेक शेयरों का वजन प्रमुख इंडेक्स में ज्यादा होता है, इसलिए इनमें कमजोरी आने पर पूरे बाजार पर असर पड़ता है. जब अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक आमतौर पर शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों- जैसे बॉन्ड, सोना या नकदी की ओर बढ़ते हैं. हाल के दिनों में यही रुझान देखने को मिल रहा है. रिस्क लेने की भूख कम होने से इक्विटी बाजार में बिकवाली बढ़ गई है.

सभी प्रमुख इंडेक्स कमजोर

ताजा कारोबार के अनुसार (10:30 PM IST), अमेरिकी बाजारों के सभी प्रमुख सूचकांक गिरावट में हैं-

  • S&P 500: 6,851.66 पर, लगभग 29.66 अंक (-0.43 फीसदी) नीचे
  • Dow Jones: 49,377.46 पर, 285.20 अंक (-0.57 फीसदी) की गिरावट
  • Nasdaq 100: 24,781.14 पर, 117.73 अंक (-0.47 फीसदी) नीचे
  • Nasdaq Composite: 22,667.62 पर, 86.02 अंक (-0.38 फीसदी) की कमजोरी
  • Russell 2000 (Small Cap): 2,646.90 पर, 11.71 अंक (-0.44 फीसदी) नीचे

इससे स्पष्ट है कि गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार में व्यापक बेचैनी मौजूद है.

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