इंटर्नशिप के लिए CV भेजते ही ठगी! फर्जी ऑफर के नाम पर धोखाधड़ी, चेतावनी जारी, ऐसे रहें सेफ

कॉलेज के दबाव, सर्टिफिकेट की भूख और करियर की जल्दबाजी में छात्र इंटर्नशिप के चक्कर में फंस रहे हैं. फर्जी प्लेटफॉर्म्स आसान टास्क, सर्टिफिकेट और पैसे का लालच देकर उन्हें ठग रहे हैं. गृह मंत्रालय की चेतावनी के बावजूद ये स्कैम बढ़ रहे हैं, जहां कोई असली कंपनी या काम नहीं, सिर्फ धोखा है.

Internship Cyber Fraud Image Credit: @AI/Money9live

Internship Cyber Fraud: कॉलेज के दबाव, सर्टिफिकेट की आवश्यकता और जल्दी इंटर्नशिप हासिल करने की लालसा ये वो कमजोरियां हैं जिनका फायदा उठाकर फेक इंटर्नशिप प्लेटफॉर्म्स छात्रों को जाल में फंसाते हैं. गृह मंत्रालय की भारतीय साइबर समन्वय केंद्र (I4C) और साइबरदोस्त की एक हालिया जागरूकता पोस्टर में चेतावनी दी गई है कि ऐसे स्कैम में कोई असली कंपनी नहीं होती, सिर्फ आसान टास्क और आसान पैसे का भ्रम दिया जाता है. हाल के महीनों में बेंगलुरु, मुंबई और सूरत जैसे शहरों में दर्जनों छात्र इन ठगों का शिकार बने हैं, जहां लाखों रुपये की ठगी हुई.

कैसे होता है स्कैम?

फेक इंटर्नशिप स्कैम आमतौर पर सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल्स या ईमेल के जरिए शुरू होते हैं. ठग फर्जी वेबसाइट्स बनाते हैं जो असली कंपनियों जैसी दिखती हैं, जैसे MSME या AICTE से जुड़ी दिखने वाली साइट्स. छात्रों को आकर्षित करने के लिए वे आसान काम, सर्टिफिकेट और कभी-कभी स्टाइपेंड का वादा करते हैं. उदाहरण के लिए, बेंगलुरु में कई छात्रों ने ऑनलाइन इंटर्नशिप के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस दी, लेकिन बाद में पता चला कि कोई कंपनी या काम ही नहीं था.कुल मिलाकर, ये स्कैम छात्रों की करियर की हड़बड़ी का फायदा उठाते हैं और साइबर फ्रॉड का रूप ले लेते हैं.

बचाव के तरीके

इन स्कैम्स से बचने के लिए सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है. सबसे पहले, किसी भी इंटर्नशिप ऑफर की जांच करें. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, फोन नंबर और रिव्यूज चेक करें. अगर ऑफर में पैसे मांगे जा रहे हैं, जैसे रजिस्ट्रेशन या ट्रेनिंग फीस, तो तुरंत मना कर दें, क्योंकि असली इंटर्नशिप में ऐसा नहीं होता. लिंक्डइन, यूनिवर्सिटी करियर सर्विसेज या सरकारी पोर्टल्स जैसे AICTE इंटर्नशिप पोर्टल का इस्तेमाल करें.

रेड फ्लैग्स पर ध्यान दें. अगर ऑफर बहुत अच्छा लग रहा हो (जैसे बिना इंटरव्यू के), ईमेल में व्याकरण की गलतियां हों या तुरंत अप्लाई करने के लिए कहा जाए तो, तो सावधान रहें. सुझाव है कि छात्र डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल करें और अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें. कुल मिलाकर.

कहां करें शिकायत?

अगर आप स्कैम के शिकार हो गए हैं, तो तुरंत कार्रवाई करें. सबसे आसान तरीका है राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करना, जहां 24/7 हेल्पलाइन 1930 उपलब्ध है. लोकल पुलिस की साइबर सेल में भी FIR दर्ज कराएं. अगर स्कैम AICTE या MSME से जुड़ा है, तो AICTE की वेबसाइट पर रिपोर्ट करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318 के तहत धोखाधड़ी के मामले में कानूनी कार्रवाई हो सकती है.