ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर 150 करोड़ रुपये का लगाया जुर्माना, स्पैम कॉल और मैसेज पर रोक लगाने में रहे थे नाकाम

सूत्र ने बताया कि ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद करने और फर्जी कॉल करने वाले दूरसंचार कनेक्शनों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं करने के लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स पर 150 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है.

टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर 150 करोड़ रुपये का जुर्माना. Image Credit: Manish Rajput/Moment/Getty Images

टेलीकॉम नियामक ट्राई ने फर्जी कॉल और संदेशों को रोकने में विफल रहने के कारण ऑपरेटर्स पर 150 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी. वर्ष 2020 से शुरू होने वाले तीन वर्षों के लिए लगाए गए इस जुर्माने को टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने चुनौती दी है. सूत्र ने बताया कि ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद करने और फर्जी कॉल करने वाले दूरसंचार कनेक्शनों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं करने के लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स पर 150 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है.

ट्राई क्यों लगाता है जुर्माना?

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) उन दूरसंचार परिचालकों पर जुर्माना लगाता है, जो वित्तीय दंड से जुड़े नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं. ये नियम एक दूरसंचार परिचालक के लिए प्रत्येक लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र में प्रति माह 50 लाख रुपये तक के वित्तीय दंड का प्रावधान करते हैं.

यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर वित्तीय दंड इसलिए नहीं लगाया जाता है कि किसी ने उनके नेटवर्क के माध्यम से स्पैम भेजा है, बल्कि इसलिए लगाया जाता है क्योंकि वे नियमों के अनुसार स्पैमर्स के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में विफल रहते हैं.

शिकायतों पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण

सूत्र के अनुसार स्पैम को नियंत्रित करने के लिए उपभोक्ता शिकायतों पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, लेकिन ट्राई ने पाया कि कई मामलों में सेवा प्रदाताओं ने ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद कर दिया. ट्राई ने पिछले एक साल में 21 लाख से अधिक ‘स्पैमर्स’ के कनेक्शन काट दिए हैं और एक लाख से अधिक संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है.

डीएनडी ऐप

नियामक ने एक डीएनडी ऐप पेश किया है, जो उपयोगकर्ताओं को केवल 4-6 क्लिक में शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है. सूत्र ने बताया कि जहां रजिस्टर्ड टेलीकॉम मार्केटर सख्त नियमों के अधीन हैं, वहीं अब ज्यादातर स्पैम 10 अंकों के मोबाइल नंबरों से अनरजिस्टर्ड व्यक्ति भेजते हैं.

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